प्रमोद सूर्या/कांदिवली (मुंबई )। आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री कुलदीप कुमार जी मुनि श्री मुकुल कुमार जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन कांदिवली में पर्यूषण महापर्व के अवसर पर अणुव्रत चेतना दिवस के रूप में आयोजित किया गया । युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री कुलदीप कुमार जी ने कहा – भगवान महावीर का जीवन गुणों का विशाल संचयन है।
उन्होंने जन्म जन्मांतरों की कलूष संस्कारों की परतों को उतारा भीतरी अनावरण हुआ और आत्मक त्रिव्व से अनुपमेंय बन गये। मुनि श्री मुकुल कुमार जी ने कहा – अष्टकर्म और ग्रहों में गहरा सामंजस्य है गहरा एकाकीपन है।
कर्म और ग्रह की विशेष विवेचना करते हुए कहा – जैन परंपरा, बौद्ध परंपरा और वैदिक परंपरा में कर्म और ग्रहों पर गंभीर एवं सूक्ष्मतम विश्लेषण हुआ है। प्रत्येक व्यक्ति के अपने अपने पुण्य और पाप होते हैं। कर्म का सीधा सा तात्पर्य है आचरण। ग्रहों की अशुभता को मिटाने एवं कर्मक्षय के लिए विशेष उपायों की जानकारी प्रदान की।
श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़ वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कच्छारा मंत्री प्यार चंद मेहता कोषाध्यक्ष भगवती लाल धाकड़ के मार्गदर्शन में सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपादित किया जा रहा हैl
तेरापंथ सभा मुंबई के अध्यक्ष माणक धींग मंत्री दिनेश सुतरिया उपाध्यक्ष सतीश मेहता पूर्व अध्यक्ष ख्याली लाल तातेड नरेन्द्र तातेड, श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष रमेश कुमार धाकड़, अशोक तलेसरा अर्जुन लाल चौधरी सुरेंद कोठारी के एल परमार विनोद बोहरा नवरत्न गन्ना , बाबूलाल बापना अशोक धाकड़, ,भंवरलाल बाफना, इंद्रमल कच्छारा,भेरू लाल चपलोत ,कैलाश बेतालामहेश मेहता, जवेरी मल नौलखा राकेश दक , राजेंद्र मुथा प्रकाश सिंघवी, सुखलाल कच्छारार महेश मेहता , अशोक बापना ,रमेश सोलंकी ,बाबूलाल दुग्गड ,गौतम भंडारी ,अशोक कोठारी, पुखराज सिरोहिया सुनील संचेती, जितेंद्र कोठारी, पेलेश मेहता विकास हिरण मदन सिरोहिया दलपत बाबेल राजेंद्र मुथा सहित विभिन्न गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहे l

