मुंबई। महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की सूशिष्या साध्वी श्री कैलाशवति जी के सानिध्य में रेखा बरलोटा के महाप्रज्ञ अष्टकम से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । विशाल जन मेदिनी को संबोधित करते हुए शासन श्री ने आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा महाप्रज्ञ जी अध्यात्म के पुरोधा थे । सर्जन चेतना को जगाने का कार्य किया वह योगी महायोगी पुरुष थे उनके दिए हुए अवदानो को आने वाली शताब्दियों में मार्गदर्शन प्रदान करेगी। ऐसे कालजय व्यक्तित्व के धनी आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने अज्ञान रूपी अंधकार को हराकर ज्ञान रूपी प्रकाश किया उन्होंने हर कार्य में सफलता हासिल की। इस शताब्दी वर्ष में हम अधिक से अधिक तप, जप, ध्यान ,स्वाध्याय करके मनाए तभी हमारा शताब्दी वर्ष मनाना सार्थक होगा ।
साध्वी पंकज श्री जी ने सुमधुर गीतिका के साथ सबको मंत्र मुक्त करते हुए – कहा सरस्वती के वरद्पुत्र आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के प्रवचन शैली अरणीय थी मृदुभाषी, सरलता , करुणा से ओतप्रोत थे ।आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी प्रेक्षा ध्यान रूपी प्लेन के कुशल पायलेट थे। जेटी विमान के द्वारा आपने अहिंसा यात्रा महारथी बंद कर वसुंधरा को अहिंसा सुरभि से सुरभित किया। विनम्रता व समर्पण का अदभुत योग था। आपने कतृर्तव,वक्तृर्तव व नेतृर्तव बेजोड़ था ।
साध्वी ललिता श्री जी ने कहा महाप्रज्ञ की जन्मभूमि मेरी जन्मभूमि- है। साध्वी सम्यकत्व यशा ने संपन्न प्रस्तुत किया। आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष किशनलाल डागलिया ने अपने आराध्य के प्रति अपनी भावना प्रस्तुत की। ज्ञानशाला के बालक बालिकाओं ने महाप्रज्ञ जादुई पिटारा और कव्वाली की रोचक ढंग से प्रस्तुति दी। महिला मंडल और युवक परिषद 100 भाई बहनों ने गीत की प्रस्तुति दी। गीत बड़ा उत्साहवर्धक था। गीत गाते समय लोग झूम उठे ।
दिनेश धाकड़ और शर्मिला जी ने शब्द चित्र प्रस्तुत किया। दादर महिला मंडल ने सु मधुर गीत प्रस्तुत किया। भयंदर से स्वागत की युवक परिषद के अध्यक्ष श्री परेश जी भंडारी ने अपनी कविता प्रस्तुत की। निर्मल जी जैन ने गीत के माध्यम से मोहित किया। दक्षिण मुंबई तेरापंथ युवक परिषद के उपाध्यक्ष अशोक जी बरलोटा ने स्वागत किया। मुंबई महिला मंडल की मंत्री श्वेता सुराणा ने अपने विचार रखें। चंडीगढ़ (पंजाब )से समागत नितिन जैन ने कहा national poet Dinkar said Acharya mahapargya is the modern day Swami Vivekanand he was the most unbaised ,relatable and understandable writer । मुंबई सभा के उपाध्यक्ष गणपति डागलिया, भगवती बागरेचा ने टाइम का विसर्जन किया रवि डोशी , उर्मिला संयोजिका ,सह संयोजिका पूजा ,सुमन ,मुंबई प्रसार मंत्री नितेश धाकड़ एवं पवन जी बोलिया की टीम ने इस प्रोग्राम को सफल बनाया बहुत ही सुंदर प्रस्तुतियां एवं बहुत ही तादाद में लगभग 300 -400 भाई बहनो ने अपने आराध्य आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के चरणों मे वंदना अभी वंदना का कार्यक्रम किया उपस्थिति बहुत ही सराहनीय रही साध्वी शारदा प्रभा जी ने कुशलता पूर्वक संयोजन किया।
इस मौके पर किशनलाल डागलिया, इंदरमल धाकड़, गणपत डागलिया, डालचंद कोठारी, मीठालाल शिशोदिया, प्यारचंद शिशोदिया, प्रकाश शिशोदिया, नरेंद्र पोरवाल, मूलचंद वागरेचा, सुखलाल सिंयाल, सुरेश मेहता, पवन बोलिया, नितेश धाकड़, अशोक बरलोटा, राहुल मेहता, कमलेश कच्छारा, अशोक धींग,पूरण चपलोत, दिनेश धाकड़, नवीन सेठिया,प्रदीप ओस्तवाल, उत्सव धाकड़, नीलेश धाकड़,श्वेता सुराणा,उर्मिला कच्छारा, रुकमण कच्छारा, पुष्पा कच्छारा, पूजा राठौड़, हिना धाकड़, शर्मिला धाकड़, राजश्री कच्छारा, रेखा बरलोटा, रेणु डागलिया,सुमन कावदीया,रेणु बोलिया, नूतन सोनी आदि उपस्थित थे।
कालबादेवी में महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी का भव्य आयोजन

