विलेपार्ले {मुंबई},विकास धाकड़/ आचार्य महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री राकेश कुमारी जी के पावन सानिध्य में २७ मार्च की रात्रि को एक भव्य धम्म जागरण का आयोजन किया गया।
साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ने आचार्य भिक्षु के क्रांतिकारी जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने तेरापंथ धर्मसंघ की महत्ता बताते हुए कहा कि पूर्व जन्मों के संचित पुण्यों के फलस्वरूप ही हमें ऐसा महान धर्मसंघ और गुरु प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में साध्वी श्री मलय विभा जी ने विषय की पृष्ठभूमि रखते हुए आचार्य भिक्षु के जीवन दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किए।
सांताक्रुज की भजन मंडली ने आचार्य भिक्षु को समर्पित भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। साध्वी श्री विपुल यशा जी एवं साध्वी श्री चेतस्वी प्रभा जी ने सुरीली गीतिका का गान किया। श्रावक सहभागिता: विले पार्ले से उपासक गंभीरमल जी डागलिया और अंधेरी से सीमा जी ‘रोठांगण ने भी अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर विलेपार्ले, सांताक्रुज और अंधेरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने धर्म चर्चा और भजनों का लाभ उठाया।
जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के प्रवर्तक आचार्य भिक्षु के २६७ वें अभिनिष्क्रमण दिवस का सुंदर आयोजन

