नई दिल्ली. अमेरिकी रिचर्ड ब्रैन्सन की वर्जिन गैलेक्टिक और इलोन मस्क की स्पेसएक्स। दोनों ही कंपनियां स्पेस बिजनेस में हाथ आजमा रही है। इन्हीं की तरह भारत की कंपनी भी अंतरिक्ष के कारोबार में उतरने जा रही है। स्टार्टअप कंपनी स्काइरूट एयरोस्पेस नाम की यह कंपनी 2021 के मध्य में विक्रम सीरीज के रॉकेट की टेस्ट लॉन्चिंग करेगी। आगे इसका इरादा अंतरिक्ष में सैटेलाइट ले जाने का है।
इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं कंपनी के प्रमोटर
स्काइरूट के प्रमोटर पवन कुमार चंदन और नागभरत डाका इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं। ये इसके लिए फंडिंग जुटा रहे हैं। क्योर फिट के संस्थापक मुकेश बंसल और अंकित नागोरी इसमें पैसे लगा चुके हैं। हालांकि प्रमोटरों ने यह नहीं बताया कि अभी तक उनकी कंपनी में कितना इन्वेस्टमेंट हुआ है। दोनों प्रमोटरों ने आईआईटी चेन्नई से पढ़ाई की है। नागभरत ने बताया कि सैटेलाइट लॉन्चिंग का बाजार तेजी से बढ़ने वाला है।
कामयाबी इस वजह से मिल सकती है
नागभरत के मुताबिक अगले 10 वर्षों में कम से कम 7,000 सैटेलाइट लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। ये सब छोटे यानी 1,000 किलो से कम वजन वाले होंगे। इसकी तुलना में दुनियाभर में सैटेलाइट लॉन्चिंग की क्षमता बहुत कम है। इसरो की वजह से दुनिया में भारत की साख काफी मजबूत है। स्काइरूट भारत की पहली लॉन्चिंग कंपनियों में होगी। गौरतलब है कि इलोन मस्क की स्पेसएक्स ने हाल ही अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट अंतरिक्ष में छोड़ा था।
इसरो के पूर्व वैज्ञानिकों वाली पहली भारतीय कंपनी स्पेस में दिखाएगी कारनामा

