गुरुग्राम:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए दिल्ली से लगी गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत की सभी सीमाओं को सील करने को जायज ठहराया है। मुख्यमंत्री खट्टर ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कहा कि हम कोरोना वायरस को दिल्ली से हरियाणा में किसी भी कीमत पर नहीं घुसने देंगे। उन्होंने कहा कि आत्मसुरक्षा के लिए सख्ती करना आवश्यक है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि जिंदगी जो शेष है, वही विशेष है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि हमने हरियाणा में कोरोना के संक्रमण को फैलने से काफी हद तक रोका है। हरियाणा में अभी कोरोना के केसों का डबलिंग टाइम 21 दिन है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। सबने मिलकर ही कोरोना को फैलने से रोका है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दी गई छूट को थोड़ा और बढ़ाने के विषय में विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गईं गाइडलाइन्स को राज्य सरकार द्वारा निरंतर फॉलो किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को कतई परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार श्रमिकों के लिए हर व्यवस्था करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 42 पूर्व विधायकों ने भी हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में योगदान दिया है। इस नेक कार्य के लिए मैं इन सभी की हृदय से प्रशंसा करता हूं। सीएम ने कहा कि किसानों को सरसों की पेमेंट शुरू की जा चुकी है और आज से ही गेहूं की पेमेंट भी शुरू कर दी जाएगी।

