मुंबई। के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत हल्दीघाटी खमनोर निवासी रविवार 04 जनवरी को प्रातः 10 बजे विरार स्थित द ग्रेट स्क्रिप्ट वाटर पार्क रिसोर्ट पहुंच गये। वहां , ब्रेकफास्ट एवं लंच के बाद सम्मेलन की शुरुआत हुई, जिसके तहत बहन बेटियों परिचय हुआ सज्जन बेन पामेचा, बेबी बहन पामेचा, प्रेमा बहन राका, बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ सभी बहनों को और सभी कार्यकर्ता बहन का स्वागत किया और सम्मेलन शानदार रहा इसी तरह सभी बहन बेटियां मिलकर आगे काम करने की सलाह दी और सभी को आशीर्वाद दिया।
अंजु कागरेचा रोहा गौशाला, किरण मंडोत पुणे, सुमित्रा लोड़ा सूरत:- मैंने जैसा सोचा था उससे भी काफी अच्छा सम्मेलन रहा और मुझे सम्मेलन में आकर बहुत अच्छा लगा इसी तरह में सम्मेलन में हर साल आने के लिए बोला है और भी बहनों को साथ में लेकर आऊंगी साधना कागरेचा, पिस्ता कागरेचा:- सम्मेलन में आकर सभी बहन बेटियों से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा सम्मेलन इतना शानदार था की सम्मेलन में सभी ने बहुत इंजॉय किया।
पुष्पा राठौड़:- महावीर श्री चरणों मै कोटि-कोटि नमन तपस्वी बहन बेटियों का अनुमोदना किया सम्मेलन में सभी पधारे उनका स्वागत किया। इसी तरह बहन बेटियां हल्दीघाटी खमनोर गांव का नाम रोशन करो संगीता कछारा:- बुराई करने वाले को धन्यवाद देना चाहिए। सभी बहन बेटियों को कहानी के माध्यम से समझाया संगीता कागरेचा,ललिता संचेती:- इसी तरह हर साल सम्मेलन रहे सम्मेलन में सभी से मिलकर और बहुत इंजॉय किया। ,कला स्वॅ रमेशजी राय सोनी दोनों बच्चों की शादी की बधाई गिफ्ट दिए संगीता सामोता:- बहन बेटियों के सम्मेलन मैं स्वॅ प्यारचंद कोठारी के जमाई सा कालूलाल जी राठौड़ ने अपना अमूल्य समय निकालकर आगे की सारी व्यवस्था की खमनोर की बहन बेटियां ने स्वागत किया। ओर सभी बहन बेटियों ने आभार किया 4 से 4.30 बजे तक हाई टी और 5 से 6 बजे शाम के भोजन सभी बहन बेटियों की उपस्थिति रही। कला,साधना,केलाश, पिस्ता, सपना,संगीता,ललीता, सुमित्रा, कैलाश,पिंकी ,पुष्पा ,मधु , सजन बाई, ललीता, प्रेमलता, मिरा , मीना ,लीला ,अंजना, रेखा, बेबी ,किरण,लीला ,प्रेमा,दिव्या ,लाड़,लीला, सोनल, रेखा, ममता कविता, संतोष, संगीता रेखा, कमला,भारती, सीमा,लाड़, पूजा, सभी बहन बेटियों का विशेष योगदान रहा और सभी ने भविष्य मैं भी सभी से इसी तरह साथ व आगे सम्मेलन बढ़ाने की चर्चा की और संचालक पुष्पा राठौड़ जी ने किया ओर यह जानकारी पुष्पा राठौड़ ने दी।

