आजमगढ़। संसद मार्च कर रहे युवाओं के दमन के खिलाफ पुलिस की नाकेबंदी को तोड़ते हुए किसान संगठनों ने आजमगढ़, जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने कहा कि तानाशाही और अलोकतांत्रिक रवैए को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार, पेपर लीक, निजीकरण और जवाबदेही के संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से संसद मार्च कर रहे युवाओं पर सरकार द्वारा दमनात्मक कार्रवाई की गई। जंतर-मंतर पर बैठे आंदोलनकारियों की मांगों को स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय, रामपुर के ध्वस्तीकरण के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। जिससे शिक्षा संस्थानों की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
किसान नेताओं ने कहा कि आजमगढ़ की नीट अभ्यर्थी सृष्टि यादव की आत्महत्या एनटीए की विफलता का परिणाम है। परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। शिक्षा व्यवस्था से प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के परिजनों को भी एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शकारियों ने कहा कि भारत–अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता देश के किसानों, युवाओं, शिक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इस समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। आजमगढ़ के महान यायावर राहुल सांकृत्यायन की रानीगंज, पश्चिम बंगाल में स्थापित प्रतिमा को तोड़े जाने की घटना अत्यंत निंदनीय है। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया जाए। किसान नेता राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, कलीम जमाई, विनोद यादव, सत्यम प्रजापति, अवधेश यादव, राज शेखर, महेंद्र यादव, नंदलाल यादव, यमुना प्रजापति, मनीष यादव, मुशीर शेरवानी, अमित मौर्या, कर्मवीर यादव, निशांत प्रजापति आदि ने प्रदर्शन किया।
आजमगढ़ में संसद मार्च कर रहे युवाओं के दमन के खिलाफ उतरे किसान संगठन
Highlights
- मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय, रामपुर के ध्वस्तीकरण के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए

