नई दिल्ली:जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में तीन दिनों से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है। इस एनकाउंटर में दो सीआरपीएफ और दो जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान शहीद हुए है। वहीं पाकिस्तानी सिपाही लगातार नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहे हैं जिसका सेना कड़ा और प्रभावी जवाब दे रही है।
एएनआई के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा के बाबागुंड में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शुक्रवार से एनकाउंटर चल रहा है। इस एनकाउंटर के तीसरे दिन सुरक्षाबलों के 4 जवान शहीद हुए हैं। उत्तर कश्मीर के इस इलाके में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार सुबह एक तलाश अभियान शुरू किया था। उन्हें वहां आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को भाग निकलने से रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी है।
शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों की आतंकवादियों से मुठभेड़ शुरू हो गई। दिन में यह रूक – रूक कर चलती रही। आतंकवादियों की अंधाधुंध गोलीबारी में नौ सुरक्षा कर्मी घायल हुए थे। पुलिस के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि बाद में चार सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु हो गई। उनमें दो पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के दोकर्मी थे। हालांकि, रक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि इस अभियान में थल सेना के दो जवान भी शहीद हुए हैं।
नौजवानों के एक समूह और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ स्थल के पास झड़पें हुई जिनमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। वसीम अहमद मीर नाम के एक युवक को गंभीर चोटें आई थी। उसे एक अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शेपियों पर संदिग्ध गतिविधियां देखने पर चलाई गोलियां
उधर, शनिवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के सेना के एक शिविर में सतर्क संतरी ने शनिवार को संदिग्ध गतिविधियां देखने के बाद गोलियां चलाईं लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ”शोपियां में 44 आरआर के डाचू शिविर के पास संदिग्ध गतिविधियां देखकर सतर्क जवान ने हवा में गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

