गांधीनगर। गुजरात गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य बनने वाला है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद गरीब सवर्णों को गुजरात में शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा और फिर राज्यसभा में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णो के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण विधेयक पारित किया था, जिसमें कांग्रेस समेत अन्य पार्टीओं का समर्थन मिला था। जिसके बाद 10% आरक्षण देने वाले कानून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कल अपनी मंजूरी दे दी थी।
गुजरात सरकार 14 जनवरी, 2019 से राज्य के उच्च शैक्षणिक प्रवेश और सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए गए निर्णय के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर गैर-आरक्षित वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। अर्थात 14 जनवरी के बाद राज्य सरकार को शैक्षिक प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। गुजरात में अगर नौकरी की भर्ती प्रक्रिया का कोई चरण शुरू नहीं हुआ है तो वह युवा इस लाभ के लिए पात्र होगा। सरकारी नौकरिओं में भर्ती और उच्च शिक्षा प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा 10% आरक्षण दिया जाएगा। हालांकि, 14 जनवरी, 2019 से पहले होने वाली भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा और कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षाएं हो चुकी हैं तो इस आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा। किसी भी भर्ती प्रक्रिया के संबंध में केवल घोषणा हुई है या घोषणा की तारीख दी गई है तो उस प्रक्रिया में नई घोषणा करनी पड़ेगी।
गुजरात में 10% गरीब सवर्णों का आरक्षण आज से लागू, लागू करने वाला बना पहला राज्य

