विलेपार्ले {मुंबई} विकास धाकड़। विलेपार्ले में युवाचार्य वर्धापना समारोह श्रद्धा,भक्ति एवं मंगलभावों के साथ संपन्न,युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री राकेश कुमारी जी आदि ठाणा 4 के पावन सान्निध्य में युवाचार्य वर्धापना समारोह का श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीश्री जी के मंगलमय नवकार मंत्र से हुआ।
तत्पश्चात विलेपार्ले महिला मंडल द्वारा भावपूर्ण मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। साध्वी श्री चेतस्वी प्रभा जी ने कविता के माध्यम से युवाचार्य श्री के प्रति श्रद्धा और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
इसके पश्चात साध्वी श्री मलयविभा जी ने अपने वक्तव्य में नमस्कार महामंत्र के आलोक में युवाचार्य श्री के जीवन की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए पवित्रता, स्फूर्ति, ज्ञान, प्रसन्नता एवं उत्तम स्वास्थ्य जैसे बिंदुओं पर सुंदर भाव व्यक्त किए। अपने मंगल उद्बोधन में साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ने युवाचार्य श्री के बाल्यकाल के प्रेरक संस्मरणों को साझा कर उपस्थित सभा को भावविभोर कर दिया।
उन्होंने युवाचार्य श्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर गुरु-कृपा की मंगलकामना व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव गुरुभक्ति में लीन रहकर धर्मसंघ को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते रहें।
साथ ही उन्होंने मंगलभाव प्रकट किए कि आचार्य श्री एवं युवाचार्य श्री की यह गौरवशाली जोड़ी युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करती रहे तथा धर्मसंघ का गौरव निरंतर द्विगुणित होता रहे और विकास के नए-नए कीर्तिमान स्थापित होते रहें। कार्यक्रम में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की परामर्शक शांता जी पुगलिया ने भी अपने भावों को व्यक्त किया।
शशि जी लोढ़ा ,दीपक जी डागलिया,रंजना जी गुंदेचा एवं तखतमलजी धोका ने भी अपने भावपूर्ण उद्गार व्यक्त किए। विलेपार्ले तेयुप अध्यक्ष महेंद्र जी वडाला, ते.म.म अध्यक्षा कुसुम जी कोठारी ने भी युवाचार्य श्री के प्रति अपनी श्रद्धा एवं शुभकामनाएँ प्रकट कीं। साध्वीश्री जी द्वारा रचित गीतिका की मनोहारी प्रस्तुति रेणु जी कोठारी ने दी। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन के साथ साध्वी श्री विपुल यशा जी ने युवाचार्य की अभिवन्दना कि।

