नई दिल्ली:केंद्र सरकार जल्द ही घर खरीदने की सोच रहे लोगों को तोहफा देगी। जीएसटी परिषद की शनिवार को बैठक के बाद वित्त अरुण जेटली ने संकेत दिया कि निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी 12 फीसदी से कम किया जाएगा।
दरअसल, अभी तैयार मकानों पर किसी भी प्रकार का जीएसटी नहीं लगता है, क्योंकि इसे संपत्ति का हस्तांतरण माना जाता है। जबकि निर्माणाधीन मकान (जिनका कब्जा एक निश्चित समय बाद मिलता है) पर 12 फीसदी टैक्स के दायरे में हैं। इससे फ्लैट खरीदारों के साथ बिल्डरों को भी बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि रेरा और जीएसटी लागू होने के बाद निर्माणाधीन फ्लैटों की बिक्री तेजी से गिरी है। समय पर मकान न मिलने और जीएसटी के चलते लोग तैयार मकानों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। जेटली ने कहा कि लॉ फिटमेंट कमेटी रियल इस्टेट पर जीएसटी पर अगली बैठक में अपनी राय रखेगी। रीयल इस्टेट सेक्टर की खराब हालत पर उन्होंने भरोसा दिया कि इस बात पर आम सहमति है कि इन क्षेत्रों के लिए कुछ कदम उठाए जाने चाहिए।
हवाई टिकट सस्ता
जेटली ने ऐलान किया कि इकोनॉमी श्रेणी के हवाई टिकट पर पांच फीसदी और बिजनेस क्लास के हवाई टिकट पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा।
रिटर्न की नई व्यवस्था एक जुलाई से लागू होगी
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की नई आसान व्यवस्था एक जुलाई 2019 से लागू होगी। पूरी तरह ऑनलाइन रिफंड की व्यवस्था भी एक जुलाई से प्रभावी होगी। रिटर्न सरल बनाने से जुड़ी सुशील मोदी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह ने रिटर्न से जुड़ी कई और सिफारिशें भी की हैं।
राजस्व बढ़ाने के विकल्पों पर विचार करेगा मंत्रिसमूह
जीएसटी परिषद ने राजस्व बढ़ाने के उपाय तलाशने के लिए सात सदस्यीय मंत्रिसमूह गठित करने का फैसला भी किया है। इसके तहत कुछ राज्यों में जीएसटी संग्रह बढ़ने और कुछ राज्यों में कर वसूली घटने के पैटर्न की पड़ताल की जाएगी। गौरतलब है कि सरकार ने हर महीने एक लाख करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा है। लेकिन चालू वित्त वर्ष में दो महीनों को छोड़कर बाकी के माह में कर वसूली 90 से 95 हजार करोड़ रुपये के बीच ही रही है।
जन-धन खाताधारकों पर जीएसटी नहीं
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा जन-धन खाताधारकों को दी जाने वाली सेवाएं पूरी तरह करमुक्त रहेंगी। पहले कई बार ऐसी खबरें थीं कि एटीएम निकासी से लेकर चेक जारी करने तक की सेवाओं पर जीएसटी लग सकता है।

