दोषयुक्त गोमेद: दोष्युक्त गोमद निष्प्रभावी नहीं होता बल्कि धारक के लिए हानिप्रद सिद्ध होता है। इसलिए ऐसे गोमेद को धारण करने से बचना चाहिए।
-जिस गोमेद रत्न में चमक न हो, यह खास तौर पर औरतों के लिए अहितकर और रोगवर्धक होता है।
-जिसका रंग लाल हो, यह विभिन्न रोगों को उत्पन्न करता है।
-जो रूक्ष अथवा सूखा हो, इससे समाज में मान-सम्मान कम होता है।
-जिसमें एक साथ कई रंग हों, यह धन नाशक होता है।
-जिसमें गड्ढा हो, इससे धन और मान प्रतिष्ठा का नाश होता है
-जिसमें किसी अन्य रंग का धब्बा हो, यह पशुधन नाशक होता है।
-जिसमें जाल जैसा हो, यह हर प्रकार के सुखों का नाश करता है।
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

