डोंबिवली। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल डोंबीवली ने कार्यशाला का आयोजन दो चरण में किया।
पहले चरण में प्रेक्षाध्यान कार्यशाला डिप्रेशनकार्यक्रम की शुभ शुरुआत नमस्कार महामंत्र से की। मंडल की बहनों ने शासन माता द्वारा रचित प्रेरणा गीत का संगान कर सुमधुर मंगलाचरण किया । अध्यक्ष सीमाजी कोठारी ने सभी का स्वागत व अभिनंदन किया । प्रेक्षा प्रशिक्षक श्रीमती लताजी हीरावत ने डिप्रेशन के बारे में जानकारी दी उन्होंने हमें डिप्रेशन के मानसिक एवं शारीरिक कारण बताए ।ध्यान, कायोत्सर्ग ,के प्रयोग करवाए । डॉ अनिताजी गौतम की रिकॉर्डिंग से सभी को डिप्रेशन के बारे मे अधिक जानकारी प्रदान की ।
दूसरा चरणः एक बूंद, एक सागर: जल संरक्षण
उपासिका उर्मिलाजी बड़ाला ने एक बूँद एक सागर: जल संरक्षण के बारे में बहुत ही सरलता से समझाया । उन्होंने गुरूदेव के तीन रत्नों के बारे में बताया – अन्न,पानी और सुभाषित वचन । पानी का मूल्य समझाते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी से पानी का उपयोग करने से पानी की बचत कर सकते हैं । मनुष्य गति में ही त्याग कर सकते हैं । इसलिए हम छोटे छोटे त्याग करके पानी के मूल्य को समझे ।पानी ही जीव है और पानी में ही जीव है ,इसका विशेष ध्यान रखें । कुशल संचालन एवं आभार ज्ञापन सहमंत्री श्रीमती प्रियाजी गुंदेचा ने किया । अखिल भारतीय कार्यसमिति सदस्य श्रीमती जूलीजी मेहता के साथ 30 बहनों की उपस्थिति रही।
डोंबीवली में प्रेक्षाध्यान एवं “एक बूंद: एक सागर” कार्यशाला का आयोजन

