सिद्धार्थनगर(उ.प्र.)। जिले में 108/102 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सूझबूझ, तत्परता और समर्पित सेवा के दो अलग-अलग सराहनीय मामले सामने आए हैं, जिन्होंने न केवल स्थानीय स्तर पर प्रशंसा बटोरी है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को भी मजबूत किया है।
पहले मामले में जोगिया ब्लॉक के ग्राम जोगीबारी निवासी 60 वर्षीय छग्गन पुत्र मिलहऊ, जो दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे, दो दिन पूर्व गैस से जलने की घटना में बुरी तरह झुलस गए। परिजनों ने उन्हें तुरंत गांव लाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोगिया पहुंचाया। वहां प्रारंभिक उपचार के बाद स्थिति बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। रेफर केस मिलते ही एम्बुलेंस संख्या यूपी 32 ईजी 4994 पर तैनात ईएमटी पारसनाथ और पायलट विकास ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने मरीज को सुरक्षित एम्बुलेंस में शिफ्ट किया।
ईएमटी पारसनाथ ने अपने प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया। ट्रेनर आलोक त्रिपाठी और ऑनलाइन डॉक्टर रस्तोगी की सुपरविजन में आवश्यक दवाइयां दी गईं। टीम की त्वरित कार्रवाई से मरीज की हालत में सुधार आया और उनकी जान बच गई। परिजन और ग्रामीण इस सेवा से अत्यधिक संतुष्ट हैं। दूसरे मामले में लोटन ब्लॉक क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एम्बुलेंस संख्या यूपी 32 ईजी4601 बुलाई गई। एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी प्रदीप कुमार और पायलट कृष्ण कुमार शुक्ला ने महिला को अस्पताल ले जाने के लिए शिफ्ट किया। रास्ते में प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। दोनों कर्मचारियों ने मौके पर ही अपनी सूझबूझ और तत्परता से एम्बुलेंस के अंदर सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित नजदीकी सीएचसी लोटन में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया है। इस घटना से एक बड़ी अनहोनी टल गई और स्थानीय लोग 108 सेवा की सराहना कर रहे हैं।
दो घटनाओं में 108 एम्बुलेंस की त्वरित कार्रवाई से बचीं दो जिंदगियां

