मुंबई। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के निर्देशन में तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई द्वारा आचार्य श्री भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष संपन्नता का कार्यक्रम परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन श्री साध्वी श्री कंचनप्रभाजी ठाणा 5 के सान्निध्य में हर्षोल्लास के साथ आषाढ़ शुक्ल १२ और १३ को मनाया गया । पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ। फिर साध्वी श्री जी ने भिक्षु मारे प्रगट्या जी भरत खेतर में एवं सुगुरु को वंदन बारंबार गीत का संगान किया ।
शासन श्री जी ने तेरापंथ धर्मसंघ, आचार्य भिक्षु एवं उनके मर्यादा और अनुशासन की संपूर्ण व्याख्या की । साध्वी वृन्द ने गीत का संगान किया एवं आचार्य भिक्षु का जीवन वृत्त चित्रहार द्वारा प्रस्तुत किया । कार्यक्रम में मंगलाचरण ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं ने किया । ज्ञानशाला संपर्क पखवाड़ा के बैनर का अनावरण करते हुए सभी श्रावकों से बच्चों को ज्ञानशाला भेजने का आव्हान किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन मंत्री पवन बोलिया ने एवं आभार दिनेश धाकड़ ने किया । कार्यक्रम में श्रावकों की अच्छी उपस्थिति रही कार्यक्रम का द्वितीय दिवस प्रातःकाल आषाढ़ शुक्ल १३ को शासन श्री साध्वी श्री जी के नमस्कार महामंत्र के पश्चात सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मिलकर मंगलाचरण की प्रस्तुति की ।
साध्वी श्री द्वारा आचार्य भिक्षु की मर्यादा और गुणों का उल्लेख किया गया । कार्यक्रम में फाउंडेशन अध्यक्ष कुंदन मल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया,सभा अध्यक्ष देवेंद्र डागलिया, सभा निवर्तमान अध्यक्ष सुरेश डागलिया, उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ आदि सभी ने अपने विचार प्रस्तुत किए शाम को “धम्म जागरण” का भव्य एवं भक्तिमय आयोजन हुआ कार्यक्रम की विशेषता रही कि कुल 23 प्रतिभागियों ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण गीत प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
प्रत्येक प्रस्तुति में आचार्य परम्परा, धर्म, साधना एवं गुरु भक्ति के भावों का सुंदर समावेश देखने को मिला, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्ति रस से सराबोर हो गया प्रतिभागियों के नाम अशोक बरलोटा, वनिता धाकड़, रीतिका सिसोदिया, मनोज झाबक, रुचि बोराना, लतिका डागलिया, पुष्पा कछारा, सौरभ बरमेचा, दिनेश धाकड़, शर्मिला धाकड़, निर्मला धाकड़, रेखा बरलोटा, रेखा बरलोटा, दिनिशा निम्जा, नरेंद्र बरमेचा, संगीता बोलिया, नितेश धाकड़, प्रियंका सुराणा, पूजा सुराणा, सक्षम सिंघवी, महक ओस्तवाल, छनक कछारा, शालीन बरमेच कार्यक्रम का एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं भावपूर्ण क्षण वह रहा जब सहवर्ती साध्वीवृंद ने भी सामूहिक रूप से अपनी मधुर स्वर लहरियों से एक सुंदर गीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी भक्तिमय प्रस्तुति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक ऊँचाइयाँ प्रदान कीं कार्यक्रम के समापन पर सभी 23 प्रतिभागी एक साथ मंच पर उपस्थित हुए और सामूहिक स्वर में “हमारे भाग्य बड़े बलवान” तथा “तेरस री है रात” गीतों की मनोहारी कोरस प्रस्तुति दी। इन दोनों गीतों ने सम्पूर्ण सभा को भक्ति एवं गुरु श्रद्धा के भावों से ओत-प्रोत कर दिया तथा पूरा सभागार ऊँ अर्हम् की ध्वनि से गूंज उठा यह जानकारी दक्षिण मुंबई सभा के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ ने दी
दक्षिण मुंबई में आचार्य श्री भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष संपन्नता मनाया गया

