श्रीडूंगरगढ़। मानव सेवा और जनकल्याण की भावना को साकार करते हुए अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद्, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा दो स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। सेवा और सहयोग की भावना से आयोजित इन शिविरों में कुल 120 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
पहला रक्तदान शिविर तुलसी सेवा संस्थान में आयोजित हुआ, जहां 33 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। वहीं दूसरा शिविर तेरापंथ भवन, ऊपरलो में आयोजित हुआ, जिसमें 87 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। दोनों शिविरों में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
परिषद् अध्यक्ष विक्रम मालू ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है। रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं के सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
परिषद् मंत्री पीयूष बोथरा ने कहा कि 120 यूनिट रक्त का संग्रह सामूहिक सेवाभाव, सहयोग और समाज की सक्रिय सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने शिविर को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संस्थाओं, कार्यकर्ताओं और रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
रक्तदान अभियान में MBDD टीम, तेरापंथ किशोर मंडल, तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ कन्या मंडल, अणुव्रत समिति, महाप्रज्ञ जन कल्याण केंद्र, श्री ओसवाल पंचायत सहित विभिन्न संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
शिविर के दौरान डॉ. राहुल हर्ष, डॉ. नवल गुप्ता, डॉ. ईशान जोशी, डॉ. राजीव सोनी, डॉ. विकास पारीक, झिनकार देवी बोथरा, भीकमचंद पुगलिया (कोलकाता), भीकमचंद पुगलिया (जयपुर), सुशीला पुगलिया, सूर्य प्रकाश गांधी, फुसराज पुगलिया, महावीर माली, तुलसीराम चौरडिया, तोलाराम मारू, प्रदीप पुगलिया, मंजू बोथरा, मनोज पारख, अशोक झाबक, सत्यनारायण स्वामी, कांतिलाल पुगलिया, निपेंद्र नाथ सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
परिषद् की ओर से सभी रक्तदाताओं का सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया। साथ ही तुलसी ब्लड सेंटर, पीबीएम चिकित्सा टीम तथा सहयोगी संस्थाओं और कार्यकर्ताओं के प्रति भी कृतज्ञता जताई गई। आयोजकों ने कहा कि सामूहिक सहभागिता और सेवाभाव से संपन्न यह रक्तदान अभियान समाज में मानवता, सहयोग और परोपकार की भावना को मजबूत करने वाला प्रयास है।
श्रीडूंगरगढ़ रक्तदान कर्तव्यम् : मानव सेवा के संकल्प के साथ 120 यूनिट रक्त संग्रह

