नई दिल्ली:जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग किए जाने को लेकर सियासी संग्राम जारी है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग के बाद फैक्स मशीन नहीं चलने, व्हाट्सएप पर मैसेज भेजने और महबूबा मुफ्ती को सरकार बनाने का मौका नहीं देने को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि कश्मीर का अलग संविधान क्यों है? अगर अलग संविधान नहीं होता तो मुझे विधानसभा भंग करने के राष्ट्रपति से पूछना होता या संसद से मंजूरी लेनी होती।
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले मैं दिल्ली में सबसे मिलकर आया था इसलिए मैंने उनसे पूछा नहीं। अगर मैं उनसे पूछता तो वो कहते की सज्जाद लोन को मौका दे दो। सज्जाद लोन तो मुझसे कह रहा था कि मुझे छह दिन दो मैं सरकार बना दूंगा। किसी को सरकार बनाने का निमंत्रण देकर विधायकों की खरीद फरोख्त का मौका नहीं दे सकते।
सत्यपाल मलिक ने कहा कि मैंने दिल्ली से बिना पूछे, सलाह-मशविरा किए और दिल्ली से बिना आदेश लिए विधानसभा भंग करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आदेश लेने पर बड़ा खतरा था। महबूबा मुफ्ती सिर्फ अपना हल्ला मचा रहे हैं वो ये नहीं देख रहे कि हमने सज्जाद लोन को भी नहीं बुलाया और वहां की सरकार की जनता का दोनों से पिंड छुड़वा दिया।
फैक्स मशीन को लेकर दी ये सफाई
उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत में कहा कि एक कहावत है कि किसी को चांद दिखाओ तो नासमझ आदमी उंगली देखता है चांद नहीं। कश्मीर में चार दिन पहले जो हुआ उसकी सबसे ज्यादा जानकारी मेरे पास है। उन्होंने कहा कि ये किसी गवर्नर की जिम्मेदारी नहीं है कि जब ईद के दिन उसका रसोईया भी छुट्टी पर हो तो उस दिन वह फैक्स मशीन खोलकर महबूबा मुफ्ती की चिट्ठी का इंतजार करे।
महबूबा और सज्जाद लोन कह रहे थे हमारे पास नंबर है
सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर महबूबा मुफ्ती सरकार बनाने को लेकर संजीदा थी तो जम्मू और श्रीनगर के बीच कई उड़ाने आती है। चौबीस घंटे मेरा फोन खुला रहता है और रात के दो बजे भी मैं फोन उठाता हूं। मुझे कोई व्हाट्सएप भी आता है तो उसकी शिकायत को मैं फौरान सरकार के स्तर पर हल करने की कोशिश करता हूं। इसको सारा कश्मीर जानता है। उन्होंने कहा कि महबूबा ने मुझे एक हफ्ता पहले कहा कि सतपाल भाई हमारे एमएलए तोड़े जा रहे हैं और उनको धमकाया जा रहा है। तो मैंने उनसे कहा था कि इस बारे में मैं दिल्ली को अवगत करवाऊंगा लेकिन आप इन लोगों को भी सूचित कर दें। वहीं दूसरी तरफ सज्जाद लोन और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन भी कह रहा था कि हमारे पास सरकार बनाने के लिए असली नंबर है वो भी कह रहे थे हमारे एमएलए को धमकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां निगम चुनाव में जाने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है, पंचायत चुनाव में वोट डालने के लिए धमकी दी जाती है तो आप क्या सोच रहे हैं वहां विधानसभा में वोट डालने के लिए धमकी नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि ना तो महबूबा के पास और ना ही सज्जाद लोन के पास नंबर थे जो सरकार बना सके। दोनों ने कोई लिस्ट पेश नहीं कि उनके पास कितनी विधायकों का समर्थन है।
दिल्ली से आदेश लेता तो सज्जाद लोन की बनती सरकार: सत्यपाल मलिक

