By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: छह द्रव्य से युक्त है यह लोक : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
social

छह द्रव्य से युक्त है यह लोक : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

Last updated: August 3, 2026 12:01 am
Surabhi Saloni
Share
5 Min Read
SHARE
Highlights
  • ‘बेटी तेरापंथ की’ की संभागियों को आचार्यश्री सहित युवाचार्यश्री से मिली मंगल प्रेरणा
  • मुनि नमिकुमारजी ने आचार्यश्री से किया 43 की तपस्या का प्रत्याख्यान
  • लाडनूं ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों को प्रदान की मंत्र दीक्षा

लाडनूं। जन-जन को सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की प्रेरणा प्रदान करने वाले जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, युगप्रधान अनुशास्ता ने रविवार को सुधर्मा सभा में समायोजित प्रातःकालीन मुख्य मंगल प्रवचन कार्यक्रम में समुपस्थित चतुर्विध धर्मसंघ तथा ‘बेटी तेरापंथ की’ आयाम के संभागियों को आज के निर्धारित विषय ‘जानें षड्द्रव्य को’ को आगम के माध्यम से व्याख्यायित करते हुए कहा कि जिस लोक में हम जी रहे हैं, वह क्या है? आदमी के मन में ऐसे प्रश्न आ सकते हैं।

इससे ज्ञान की स्फुरणा भी हो सकती है। प्रश्नकर्ता बनने से ज्ञान का अच्छा विकास हो सकता है और कई प्रकार की जानकारियों से युक्त बन सकता है। प्रश्न पैदा होना एक सीमा तक बहुत अच्छा है। मन में प्रश्न होता है तो माना जा सकता है कि उस आदमी में जागृति है। अनंत आकाश का छोटा हिस्सा लोक है। इसी लोक में सिद्ध और अर्हत भगवान भी विराजमान होते हैं। कितने-कितने चारित्रात्माएं भी इस लोक में रहते हैं। अलोक में कोई नहीं होता। इस लोक में ही नरक भी है, निगोद भी है। कहा जा सकता है कि यह लोक छह द्रव्यों से युक्त है।
इन छह द्रव्यों का दो वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्गीकरण में धर्म, अधर्म और आकाश है और दूसरे वर्गीकरण में काल पुद्गल और जीवास्तिकाय होते हैं। पहले वर्गीकरण के द्रव्य एक ही होते हैं। दूसरे वर्गीकरण के द्रव्य अनंत होते हैं। द्रव्य गुणों का आश्रय है। गुण द्रव्य में ही रहते हैं। धर्मास्तिकाय गति में सहायक बनता है। सभी द्रव्यों का अपना-अपना कार्य होता है। ये इनके सामान्य और विशेष भी होते हैं।

वह लोक होता है, जहां छह द्रव्य होते हैं। उत्तरज्झयणाणि आगम में तत्त्वज्ञान भी प्राप्त हो जाता है। इसमें आध्यात्मिक संदेश भी मिल जाते हैं। इस आगम में कथानक और घटना प्रसंग भी प्राप्त हो जाते हैं। इस दृष्टि यह आगम बड़ा महत्त्वपूर्ण है। चारित्रात्माएं इस आगम का थोड़ा-थोड़ा अध्ययन भी करते रहें तो बहुत ज्ञान प्राप्त हो सकता है। आचार्यश्री ने आगे कहा कि इस परिसर में गुरुदेवश्री तुलसी ने कितने-कितने चतुर्मास किए थे। भिक्षु विहार में कितना रहे थे। यहां कितना आगम का कार्य चला होगा।

यह स्थान भौतिक है, किन्तु कोई स्मृतियां स्थान विशेष से जुड़ जाती हैं। इस जैन विश्व भारती में गुरुदेवश्री तुलसी ने लगातार दो-दो चतुर्मास किए। इसके अलावा आचार्यश्री तुलसी ने लगातार दो-दो चतुर्मास अन्यत्र कहीं नहीं किया। इस योगक्षेम वर्ष में धर्मसंघ को युवाचार्य महावीर भी प्राप्त हो गए हैं। इस समय का खूब अच्छा उपयोग हो और खूब अच्छा विकास करते रहें। आचार्यश्री ने अपनी आत्मा के साथ मित्रता करने की प्रेरणा दी। मंगल प्रवचन के उपरान्त आचार्यश्री ने चारित्रात्माओं की जिज्ञासाओं को भी सामहित किया।
मुनि नमिकुमारजी ने आचार्यश्री के समक्ष उपस्थित होकर 43 की तपस्या का प्रत्याख्यान किया। इस प्रकार मुनि नमिकुमारजी 43 की तपस्या की लड़ी पूर्ण कर ली। साध्वी तेजस्वीप्रभाजी की कृति ‘फायर इन द सेंड’ पुस्तक को जैन विश्व भारती के पदाधिकारियों द्वारा लोकार्पित किया गया, जिसके संदर्भ में आचार्यश्री ने मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। साध्वी तेजस्वीप्रभाजी ने अपनी अभिव्यक्ति दी। ‘बेटी तेरापंथी की’ के चतुर्थ सम्मेलन के दूसरे व अंतिम दिन युवाचार्यश्री महावीरकुमारजी ने उपस्थित संभागियों को उद्बोधित करते हुए कहा कि यह महासभा का ऐसा प्रकल्प लग रहा है, मानों बेटियां सद्भावना का पुल बन रही हैं। यह कार्यक्रम दो किनारों को आपस में जोड़ने और सद्भावना को प्रसारित करने का माध्यम बना है। प्रमाद मुक्त जीवन हो, ऐसा प्रयास करना चाहिए। स्वयं को धर्म से जोड़कर रखने का प्रयास हो। यह ऐसा सम्मेलन है कि जिसके माध्यम से अच्छे संस्कार अर्जित कर किए जा सकते हैं। यह सम्मेलन सबके भीतर सद्भावना का भाव जागता रहे। आचार्यश्री ने ‘बेटी तेरापंथ की’ सम्मेलन के संदर्भ में पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि जीवन में अहिंसा, संयम, तप के प्रति आकर्षण है। मनुष्य जीवन में जितना धर्म कर सकें, करने का प्रयास होना चाहिए। एक मिलन और धार्मिक प्रेरणा मिलती रहे, जहां रहें अच्छा धर्मोद्योत करते रहें। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित मंत्र दीक्षा कार्यक्रम में लाडनूं ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों को मंत्र दीक्षा प्रदान करते हुए मंगल प्रेरणा प्रदान की। ‘बेटी तेरापंथ की’ सम्मेलन में उपस्थित दोहिता प्रेक्षित ने आचार्यश्री के अपनी बालसुलभ प्रस्तुति दी। जयपुर से समागत श्री नरेश मेहता ने अपनी अभिव्यक्ति दी।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article पालघर अणुव्रत समिति द्वारा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान
Next Article जीतो बेंगलुरु नॉर्थ के नए कार्यालय में ‘कॉफी विद जीतो 6.0’ का सफल आयोजन, नेटवर्किंग और संगठन विस्तार पर रहा विशेष जोर

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

रेमो डिसूजा की अगली एक्शन एंटरटेनर में टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आएंगी नुसरत भरुचा
entertainment
August 3, 2026
तेरापंथ किशोर मंडल (नेरुल) द्वारा ‘TKM लेगेसी रियूनियन’ एवं ‘किशोर दिवस’ का भव्य आयोजन
social
August 3, 2026
जीतो बेंगलुरु नॉर्थ के नए कार्यालय में ‘कॉफी विद जीतो 6.0’ का सफल आयोजन, नेटवर्किंग और संगठन विस्तार पर रहा विशेष जोर
social
August 3, 2026
पालघर अणुव्रत समिति द्वारा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान
social
August 2, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?