चेन्नई। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के निर्देशानुसार ज्ञानशाला प्रकोष्ठ द्वारा देशभर में ज्ञानशाला दिवस–2026 का आयोजन एकरूपता के साथ किया गया। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चेन्नई के तत्वावधान में ट्रिप्लीकेन एवं किलपॉक दोनों क्षेत्रों में ज्ञानशाला दिवस का आयोजन उत्साह एवं उल्लासपूर्वक किया गया। किलपॉक में विराजित साध्वीश्री उदितयशा जी ठाणा–4 के पावन सान्निध्य में ज्ञानशाला दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रशिक्षिकाओं द्वारा सुमधुर गीतिका प्रस्तुत की गई तथा ज्ञानार्थियों द्वारा विभिन्न संस्कारप्रद एवं प्रेरणादायी मंचीय प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ किलपॉक ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं द्वारा मंगलाचरण से हुआ। चेन्नई सभा के उपाध्यक्ष श्री धर्मीचंद छल्लानी ने स्वागत वक्तव्य में ज्ञानार्थियों एवं प्रशिक्षिकाओं को बधाई देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। ज्ञानशाला सह-व्यवस्थापक श्री प्रणव रायसोनी ने सभी प्रशिक्षिकाओं एवं ज्ञानार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाए देते हुए कहा कि दोनों ही क्षेत्रों में कार्यक्रम सफल, मंगलमय एवं शानदार रूप से संपन्न हों तथा सभी के अथक प्रयास सार्थक हों—यही मंगलकामना। ज्ञानशाला आंचलिक संयोजिका श्रीमती कविता रायसोनी ने ज्ञानशाला परिवार को बधाई देते हुए ज्ञानशाला प्रकोष्ठ की ओर से प्रशिक्षिकाओं को आवश्यक एवं महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न ज्ञानशालाओं द्वारा प्रस्तुत संस्कार संवर्धन से जुड़ी प्रेरणादायी मंचीय प्रस्तुतियाँ रहीं।
वेपेरी ज्ञानशाला*के ज्ञानार्थियों ने तीर्थंकर अर्चना गीतिका प्रस्तुत की एवं तीर्थंकरों की विशेषताओं की संक्षिप्त जानकारी दी।फैंसी ड्रेस प्रस्तुति के अंतर्गत–किलपॉक ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने भगवान महावीर एवं चंडकौशिक सर्प का दृश्य प्रस्तुत किया।अमंजीकरै ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने भगवान महावीर एवं चंदनबाला का पात्र प्रस्तुत किया। माधावरम ज्ञानशाला के बच्चों ने मूला एवं चंदनबाला का प्रसंग प्रस्तुत किया। नॉर्थ टाउन ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने भगवान ऋषभदेव की प्रथम गोचरी का दृश्य प्रस्तुत किया। प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से सभी ज्ञानार्थियों ने उपस्थित सभी का मन मोह लिया।
ज्ञानशाला के पूर्व ज्ञानार्थी श्री प्रत्यूष श्रीश्रीमाल ने ज्ञानशाला प्रेरणा गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।किलपॉक ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने धार्मिक गीतिका पर भावपूर्ण एक्शन के साथ मनमोहक मंचीय प्रस्तुति दी। साध्वीश्री भव्ययशा जी एवं साध्वीश्री शिक्षाप्रभा जी ने सुमधुर गीत का संगान कर सभी को भावविभोर कर दिया। साध्वीश्री उदितयशा जी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि बच्चों के जीवन में धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों का होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को ज्ञानशाला से जोड़ने एवं उन्हें नियमित रूप से ज्ञानशाला भेजने का प्रयास करने का आह्वान किया। समाज को प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ज्ञानशाला दिवस मनाया जाता है, उसी प्रकार अभिभावक दिवस भी मनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षिकाओं द्वारा निस्वार्थ भाव से दी जा रही सेवाओं की अनुमोदना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वीश्री भव्ययशा जी ने किया।
व्यवस्था पक्ष में चेन्नई सभा के सह मंत्री श्री मनोज डूंगरवाल, श्री नरेंद्र भंडारी, श्री नवीन बंबोली, श्री कमल श्याम सुखा, श्री हेमंत मालू, श्री अनिल बोथरा, श्री हरीश आच्छा, श्री राकेश डोसी, श्री सुनील सकलेचा आदि का पूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में श्रावक समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। चैन्नई क्षेत्र की 25 ज्ञानशालाओं में से 12 ज्ञानशालाओं के लगभग 115 ज्ञानार्थियों एवं 35 प्रशिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में उपस्थित ज्ञानार्थियों को पारितोषिक प्रदान किए गए और कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। जानकारी प्रचार प्रसार प्रभारी संतोष सेठिया ने दी।।
चेन्नई में ज्ञानशाला दिवस–2026 का भव्य आयोजन

