लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित वीडियो और ऑडियो क्लिप्स को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस स्टिंग ऑपरेशन में बसपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और लखनऊ के जिलाध्यक्ष का एक कथित वीडियो सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, कैमरे पर यह दावा किया गया कि पार्टी सुप्रीमो मायावती से केवल मिलने के लिए ‘टोकन मनी’ के रूप में ₹5 लाख देने होंगे। इसके अलावा विधानसभा चुनाव का टिकट पक्का करने के लिए ₹3.35 करोड़ की मांग की गई।
इस पूरे प्रकरण को लेकर बसपा सुप्रीमो मायवती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट लिखकर इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे बीएसपी पार्टी व मूवमेन्ट को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा है – “जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. देश में ’बहुजन समाज’ व अपरकास्ट समाज के ग़रीब शोषित-पीड़ित व उपेक्षितों द्वारा, उनके संवैधानिक हक़ व न्याय आदि के लिये परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताये रास्तों पर चलने वाली ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सच्ची व ईमानदार अम्बेडकरवादी पार्टी है, जो दूसरी पार्टियों की तरह बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के सहारे और उनके इशारे पर नहीं चलती है बल्कि अपने लोगों के ही तन, मन और धन के बलबूते पर चलती है, जो स्वाभाविक तौर पर संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक व पूंजीवादी ताक़तों को यह फुटी कौड़ी नहीं सुहाता है और इसी लिये वे समय-समय पर और ख़ासकर चुनाव के नज़दीक आने पर क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करके बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट को तथा उसके आयरनलेडी नेतृत्व को भी बदनाम करने में लगे रहते हैं।
इसी क्रम में मीडिया के एक वर्ग द्वारा दूसरी पार्टियों की चुनावी जुगाड़ आदि पर से लोगों का ध्यान बाँटने तथा उन पर पर्दा डालने के लिये बी.एस.पी. पार्टी उम्मीदवार के चयन को लेकर सवालिया निशान खड़े करते रहते हैं, जबकि बी.एस.पी. को जो भी आर्थिक सहयोग हासिल होता है वह पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने पर ही क़ानूनी तौर से ज़्यादातर ख़र्च कर दिया जाता है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। फिर भी उसको लेकर षडयंत्र के तहत् गुमराह करने वाली तरह-तरह की ग़लत बातें व अफवाहें आदि फैलाना मीडिया को शोभा नहीं देता है।
इसके साथ ही यहाँ यह भी सर्वविदित है कि केवल बी.एस.पी. यूपी स्टेट यूनिट के अध्यक्ष श्री विश्वनाथ पाल ही नहीं बल्कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्तागण भी इस समय पार्टी संगठन की मज़बूती तथा पार्टी के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के साथ-साथ आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव हेतु पार्टी उम्मीदवारों की संभावित सूची बनाने तथा उनकी ठोस स्क्रीनिग करने आदि में लगे हुये हैं और पार्टी की उम्मीदवारी को लेकर उनसे मिलने वालों से अन्य बातों के अलावा उनकी सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हैसियत के साथ ही उनके पार्टी के प्रति वफादारी व टिकाऊपन आदि को भाँपने के लिये, कोर्ट में जिरह की तरह, उनसे तरह-तरह के सवाल-जवाब भी करते रहते हैं, जिसकी गहराई में गये बिना ही उसे उसके पूरे फेस वैल्यू पर अन्यथा लेना उचित नहीं है, यह मीडिया से भी अनुरोध है तथा पार्टी के लोगों से भी अपील है कि वे विरेाधी पार्टियों के ऐसे प्रायोजित किसी भी षडयंत्र का शिकार होकर गुमराह ना हों बल्कि अपने मिशन 2027 के लक्ष्य में पूरे जी-जान से लगे रहें, जिस बी.एस.पी ज़िन्दाबाद की आपकी जबरदस्त तैयारी को देखकर ही विरोधियों की नींद काफी उड़ी हुई है। जय भीम जय भारत।”
भास्कर की टीम ने एनडीए (NDA) के घटक दलों जैसे अपना दल (एस), सुभासपा (ओमप्रकाश राजभर), और निषाद पार्टी (संजय निषाद) के नेताओं का भी स्टिंग किया। इसमें दावा किया गया कि इन पार्टियों में विधायक का टिकट ₹2 करोड़ से लेकर ₹5 करोड़ तक में बेचा जा रहा है। हालांकि संबंधित नेताओं और दलों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच ऐसे स्टिंग ऑपरेशन और आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा सकते हैं। बसपा भी मिशन-2027 के तहत अपने संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रिय करने में जुटी हुई है।
जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. देश में ’बहुजन समाज’ व अपरकास्ट समाज के ग़रीब शोषित-पीड़ित व उपेक्षितों द्वारा, उनके संवैधानिक हक़ व न्याय आदि के लिये परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताये रास्तों पर चलने वाली ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सच्ची व ईमानदार…
— Mayawati (@Mayawati) June 19, 2026

