लंदन: अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 3600 करोड़ रुपए की दलाली का आरोपी क्रिश्चियन मिशेल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। ब्रिटेन की एक लीगल टीम ने इस मामले को यूएन के सामने रखा है। इस टीम का कहना है कि मिशेल को गैरकानूनी ढंग से भारत सरकार को सौंपा गया। यहां की जेल में उसे बदतर स्थिति में रखा जा रहा है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। मिशेल पर अपराध कबूल करने को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा है।
मिशेल को फोन की अनुमति देना नियमों के खिलाफ- जेल अथॉरिटी
लंदन के इंटरनेशनल जस्टिस चेंबर की गुर्निका (37) ने दावा किया कि 57 वर्षीय ब्रिटेन के नागरिक मिशेल को गैरकानूनी तरीके से भारत सरकार को सौंपा गया है।
गुर्निका ने कहा, ‘‘कथित तौर पर मिशेल को सऊदी अरब अमीरात के आग्रह पर भारत को सौंपा गया है। मगर हकीकत यह है कि मिशेल को गैरकानूनी ढंग से भारत सरकार को सौंपा गया है। यह प्रक्रिया प्रत्यर्पण की प्रक्रिया से पूरी तरह अलग है। ’’
गुर्निका ने बताया, ‘‘मिशेल के भारत लौटने पर उसे वहां घटिया स्थिति में रखा गया है। मूलभूत मानवाधिकारों को भी अनदेखा किया जा रहा है। बात कबूल करवाने के लिए अनैतिक तौर पर दबाव बनाया जा रहा है।’’
मिशेल को प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा 2010 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में सीबीआई ने भी मिशेल पर अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 3600 करोड़ रुपए की दलाली का आरोप लगाया था। मिशेल इस पूरे मामले में मध्यस्थता का आरोपी है।
जेल अथॉरिटी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई कि मिशेल को जेल में अंतरराष्ट्रीय फोन करने की अनुमति देना, जेल के नियमों के खिलाफ है। मगर कोर्ट ने मिशेल को फोन की अनुमति दी।
ब्रिटेन की लीगल टीम ने कहा- मिशेल को भारत में प्रताड़ित किया जा रहा, केस यूएन भेजा जाए

