पटना। बिहार में आज 19 अगस्त 2026 को छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर बड़ा आंदोलन हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन (लोक भवन) मार्च निकाला गया। यह मार्च मुख्य रूप से परीक्षाओं में पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ी तथा जुलाई 2026 में सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा AK-47 से हवा में फायरिंग के विरोध में निकाला गया था। राजद का आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों को सुनने की बजाय बल प्रयोग कर रही है। लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने युवाओं और छात्रों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे जेपी गोलंबर/गांधी मैदान से मार्च शुरू हुआ। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोका। आयकर चौराहा पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत कई राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में तेजस्वी यादव को रिहा कर दिया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार डरी हुई है और वे छात्रों के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेल जाने से नहीं डरते और संघर्ष जारी रहेगा।
इसके अलावा पटना के गर्दनीबाग में छात्र शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) और अन्य मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह/भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सरकार ने TRE-4 के लिए 32,388 पदों का नोटिफिकेशन जारी किया है, लेकिन छात्र पूर्ण पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं। यह आंदोलन बिहार में छात्र-युवा असंतोष और सत्ता-विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का नया अध्याय बन गया है। पुलिस और प्रशासन स्थिति नियंत्रित रखने में जुटे हुए हैं।
बिहार में विभिन्न मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन, हिरासत में लिए गए तेजस्वी यादव फिर रिहा

