मुंबई। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का प्रकल्प “जैन संस्कार विधि” जीवन के प्रत्येक मांगलिक कार्यों को संपादित करने का सबसे अच्छा माध्यम है। इसी संदेश को शिरोधार्य करते हुए , तेयुप चेंबूर द्वारा आयोजित जैन संस्कार विधि से श्रीमति निधि विजयजी चंडालिया का तप अभिनंदन किया गया। तेयुप चेंबूर अभातेयुप निर्देशित त्रिआयामी लक्ष्यों की और सतत गतिमान है। निधि विजयजी चंडालिया की 8 की तपस्या का तप अभिनंदन जैन संस्कार विधि से जैन भवन चेंबूर पर किया गया।
इस कार्यक्रम में संस्कारक श्री पवनजी परमार , महावीरजी सोनी ने संस्कारक की भूमिका का निर्वहन करते हुए निर्दिष्ट विधि विधान एवं मंगल मंत्रोच्चार से कार्यक्रम को सम्पन्न करवाया।
इस अवसर पर संस्कारक द्वारा तपस्वी बहन निधि चंडालिया को स्वेच्छा से त्याग और संकल्प करवाए। तेयुप अध्यक्ष हिमांशु गन्ना ने सदन का स्वागत किया और तपस्वी के प्रथी मंगलकामना व्यक्त की, मंत्री कपिलजी मेहता ने जैन संस्कार विधि की प्रसंशा की और संस्कारक के प्रति शुभकामनायें प्रेषित की।कार्यक्रम में तेयुप चेंबूर के अध्यक्ष हिमांशुजी गन्ना, मंत्री कपिलजी मेहता, सह मंत्री मुकेशजी डुंगरवाल, विरलजी चंडालिया की उपस्थिति रही ।
तप अनुमोदन के क्रम में सुभाषजी चंडालिया वर्षीतप, पुष्पा देवी चंडालिया ५, विजय जी चंडालिया ३, कपिल मेहता ३, पूनम डागलिया ३, विमलजी चंडालिया २, वालचंदजी चंडालिया, मुकेश डूंगरवाल , हिमांशु गन्ना आदि उपवास, कही लोगो ने एकासन, सामयिक, मौन, रात्रि त्याग, ऐसे विभिन्न त्याग किए । करीब ९०-१०० लोगो ने एक वर्ष के लिए विभिन्न त्याग करने का प्रण लिया ।
कार्यक्रम का समापन संस्कारक पवनजी परमार ने मंगल पाठ से किया गया। पधारे हुवे सभी मेहमानों का आभार ज्ञापन संस्कारक महावीरजी सोनी ने किया।
चेंबूर में जैन संस्कार विधि के बढ़ते चरण, तप अभिनंदन

