कर्मचारी का दावा 4000 दो, असफल छात्र का प्रथम श्रेणी से रिजल्ट दूंगा
पंकज श्रीवास्तव/पटना। बिहार बोर्ड ने आज वार्षिक माध्यमिक (10th) परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। मात्र 25 में जारी रिजल्ट ये साबित करने के लिए काफी है कि बोर्ड ने किस कदर इसकी तैयारी की थी। छात्रों की बात करें तो इस साल166000 से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए थे। टाँपर घोटला के बाद बोर्ड ने इस बार नकल रोकने के लिए काफी सख्त कदम उठाए थे। परीक्षाफल का प्रतिशत 80.73 प्रतिशत रहा।
इस परिणाम पर भी सवालिया निशाना लगना शुरु हो गया है। कारण एक ही स्कूल से टाँपर छात्रों की बड़ी संख्या पर बतायी जा रही है। इस बीच असफल छात्रों ने दावा किया है कि बोर्ड में आज भी पैसे पर रिजल्ट बिक रहा है। इसकी हकीकत जानने के लिए छात्र द्वारा उपलब्ध कराये गये बोर्ड कर्मचारी जिसका मोबाइल नंबर 7493001837 पर हमने फोन पर बात की। कथित कर्मचारी ने पत्रकार द्वारा दिये गये रौल नंबर और रौल कोर्ड देखकर बताया की छात्र फेल है। अगर आप प्रथम श्रेणी से रिजल्ट चाहते हैं तो मेरे बैंक खाते में तुरंत 4000 रुपया डालें। कुछ ही देर में रिजल्ट नेट पर मौजूद रहेगा।
फिलहाल इस कर्मचारी की सत्यापन होना बाकी है लेकिन अगर ये सच है तो बोर्ड की किरकिरी इस साल भी तय है। दूसरी ओर देखा जाए तो ये मुद्दा चुनाव के पूर्व बड़ा धमका कर सकती है। जो सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा के लिए जनलेवा साबित होगा।
खास बात ये है कि टॉप रैंक हासिल करने वाले 10 परीक्षार्थी सिमुलतला आवासीय विद्यालय के हैं। इस रिजल्ट के बाद सवाल खड़े होना शुरू हुए तो इसके जवाब में स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं, ये पहली बार नहीं है जब हमने टॉपर्स दिए
बिहार बोर्ड: एक बार फिर लग सकता है दामन पर दाग

