- यूपी की 24 करोड़ की अनुमानि आबादी में सिर्फ 7.33 फीसदी लोगों ने मोबाइल में रखा ‘बॉडीगार्ड’
- भदोही में महज साढ़े सात फीसदी लोगों ने डाउनलोड किया ‘आरोग्य सेतु’
प्रभुनाथ शुक्ल/भदोही। फिल्म अभिनेता अजय देवगन आजकल लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की अपील करते दिख जाएंगे। वह कहते हैं कि आरोग्य सेतु कोविड – 19 से सुरक्षित रखने के लिए आपका बॉडीगार्ड है। लेकिन सिर्फ सात फीसदी बॉडीगार्ड के भरोसे राज्य की जनता क्या कोरोना से जंग जीत सकती है। वह कहते हैं कि आपके मोबाइल में ‘बॉडीगार्ड’ यानी ‘आरोग्य सेतु’ है तो आप पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन उनकी मुहिम नाकाम साबित हो रही है। फ़िर ‘बॉडीगार्ड’ के बगैर क्या हम कोरोना की जंग जीत सकते हैं यह बड़ा सवाल है। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा फिल्म अभिनेताओं की लाख कोशिश इस मुहिम को कामयाब बनाने में नाकामयाब रहीं है। इस प्रचार में करोड़ों फूँकने के बाद भी कुछ हासिल होता नहीँ दिखता है।
भदोही सूचना विभाग की तरह से दो दिन पूर्व यानी 22 मई को जो सूचना साझा की गई है। उसमें पूरे उत्तर प्रदेश में सिर्फ 7.33 फीसदी लोगों ने ‘बॉडीगार्ड’ यानी ‘आरोग्य सेतु’ को अपने मोबाइल में डाउनलोड किया है। 2011 के अनुसार राज्य की आबादी 199, 812, 341 है। लेकिन वर्तमान समय में अनुमानित आबादी 249, 538, 236 है। पूरे प्रदेश में 192, 87734 लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड किया है। यह पूरी आबादी का महज 7.33 फीसदी है। फ़िर सोचिए क्या हालात हैं।
भदोही में आरोग्य सेतु सिर्फ 7.34 फीसदी लोगों ने डाउनलोड किया है। 2011 में यहाँ की कुल जनसंख्या 15, 78, 213 रहीं जबकि वर्तमान में यह 19,70,792 तक पहुँच सकतीं है। जिले में सिर्फ 144710 लोगों ने इसे डाउनलोड किया है। जबकि जिले में परदेशियों और प्रवासी मजदूरों के आगमन के बाद कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। भदोही में अब तक कुल 30105 प्रवासी आए हैं। जिसमें 720 लोगों की सैंपल जांच कराई गई है। कुल 14 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें दो लोगों में मौत के बाद कोरोना का संक्रमण पाया गया है। इस तरह पॉजिटिव मरीजों की संख्या 12 तक पहुँच गई है। अभी तक 122 लोगों का जांच सैंपल नहीं आया है।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वह आयुष कवच एवं आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करें और अपने को सुरक्षित रखें। डाउनलोड करने के लिंक भी उन्होंने साझा किया है। लेकिन कोई सुनने वाला नहीँ है। जबकि यूपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी की की तरफ़ से आयुष कवच में दी गई जानकारियां बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों यानी ‘आयुष कवच’ और ‘आरोग्य सेतु’ तो जीवन सुरक्षा का वरदान है। लेकिन हम अपनी सुरक्षा को लेकर कितने लापरवाह हैं इसी से पता चलता है।

