नई दिल्ली:शाहिद अफरीदी अपनी आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ के बाद से पूर्व पाकिस्तानी कप्तान एक बार फिर से सुर्खियों में छाए हुए हैं। स्पॉट फिक्सिंग, गौतम गंभीर, जावेद मियांदाद, अपनी उम्र को लेकर किए गए खुलासों के बाद शाहिद अफरीदी को एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। इस बार वजह है कि उनकी किताब में लड़कियों के स्पोर्टस खेलने को लेकर दिया गया उनका बयान।
दरअसल, शाहिद अफरीदी ने अपनी इस किताब में कहा कि वह अपनी बेटियों को किसी पब्लिक गेम्स में नहीं जाने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए उन्हें अपनी पत्नी से भी बात की। संयोग से उनकी पत्नी भी इस बात से सहमत हैं कि बेटियों को गेम्स में नहीं जाने देना है। मैंने यह फैसला पत्नी के फैसले के बाद ही लिया है। फेमिनिस्ट जो कहना चाहें इस पर कह सकती हैं, लेकिन एक रुढ़िवादी पिता के रूप में मैने यह निर्णय लिया है।
शाहिद अफरीदी का कहना है कि उनकी बेटियां गेम्स खेल सकती है, लेकिन सिर्फ घर के अंदर। वह किसी भी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर गेम नहीं खेल सकतीं। शाहिद अफरीदी की इस टिप्पणी के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है।
बता दें कि इससे पहले अफरीदी विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के ओपनर गौतम गंभीर के साथ विवाद में घिर गए थे। पाकिस्तान के स्टार अफरीदी ने गंभीर को पाकिस्तान आकर ईलाज कराने की सलाह दी थी। गंभीर और अफरीदी के अच्छा रिश्ते नहीं हैं। 2007 में मैदान पर ही दोनों के बीच कहा सुनी हो गई थी। कानपुर में हुए वनडे मैच में दोनों पर आईसीसी कोड आफ कंडक्ट का उल्ल्घंन करने का दोषी पाया गया था और जुर्माना हुआ था। अफरीदी ने कहा था, मुझे लगता है है कि गौतम गंभीर को कुछ समस्या है। अफरीदी ने गंभीर पर अपनी आत्मकथा में खराब टिप्पणी की। उन्होंने कहा था कि गौतम गंभीर की कोई पर्सनेलिटी नहीं है और एटीटयूड उनकी समस्या है।
बेटियां गेम्स खेल सकती है, लेकिन सिर्फ घर के अंदर:अफरीदी

