- रिश्तों की आड़ में अमानवीय कृत्य, क्या बस्ती पुलिस दिलाएगी पीड़िता को न्याय?
बस्ती:- जहां एक ओर सूबे के मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा का दम भरते हैं, वहीं दूसरी ओर बस्ती जिले के वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जो इस दावे पर सवाल उठाता है। एक महिला ने अपने ससुराल वालों पर आप्राकृतिक बलात्कार, मारपीट और अमानवीय व्यवहार जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में अपनी आपबीती बयान करते हुए समाज की उन काली सच्चाइयों को उजागर किया है, जो इंसानियत को शर्मसार करती हैं।
पीड़िता ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। 11 जुलाई 2025 को जब वह अपने ससुराल वॉल्टरगंज के एक गांव लौटी, तो उनके पति और ससुराल के अन्य सदस्यों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
मामले ने तब और भी भयावह मोड़ ले लिया, जब 19 अगस्त 2025 को पीड़िता के पति ने इस्मैक की नशे की में उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। इस दौरान ससुराल के दो अन्य पुरुष जमील अहमद, नसीम ने उनके मुंह को कपड़े से बांध दिया और उनके हाथ-पैर पकड़ लिए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जमील अहमद, नसीम और पीड़िता का पति वसीम तीनों ने बारी-बारी से उनके साथ बलात्कार किया अप्रकृतिक सम्बन्ध बनाया, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा। अगले दिन भी यही अमानवीय कृत्य दोहराया गया। पीड़िता के अनुसार, उनके पति ने उन्हें एक इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया, और जब उन्हें होश आया, तो वह कमरे में अकेली और बिना कपड़ों के थीं।
आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल छीन लिया और धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस या कोर्ट का रुख किया, तो उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास “पैसा है, और वे सबको खरीद लेंगे।” किसी तरह अपनी जान बचाकर पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और अपनी शिकायत दी।
यह घटना समाज के उस घिनौने चेहरे को उजागर करती है, जहां रिश्तों की आड़ में हैवानियत पनप रही है। जब सूबे के मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित हैं, तब इस तरह की घटनाएं सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर एक महिला को न्याय के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है? क्या इस पीड़िता को न्याय मिलेगा, या यह शिकायत भी फाइलों में कैद होकर रह जाएगी? क्या यह प्रदेश वाकई में महिलाओं के लिए सुरक्षित है, या यह सिर्फ कागजी दावों और भाषणों तक सीमित है?
