अयोध्या:- मंदिरों और मूर्तियों की नगरी अयोध्या में स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर सरयू नदी के तट पर आयोजित विशेष आरती में देशभक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। जहां एक ओर पूरे देश में 79वें स्वतंत्रता दिवस का उत्साहपूर्ण उत्सव मनाया जा रहा था, वहीं अयोध्या में मां सरयू की नित्य आरती के साथ मां भारती की भव्य आरती ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के हाथों में तिरंगा और मुख से भारत माता की जय-जयकार के नारे गूंज रहे थे।आञ्जनेय सेवा समिति के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष सरयू आरती में 5100 बत्तियों से मां भारती की आरती उतारी गई। यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को समर्पित किया गया। सरयू तट पर देशभक्ति के गीतों की स्वरलहरियों ने माहौल को और भी भावपूर्ण बना दिया। आरती के दौरान मातृभूमि और बलिदानी वीरों के प्रति श्रद्धा, आस्था और कृतज्ञता का भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था। आञ्जनेय सेवा समिति के प्रमुख शशिकांत दास ने बताया, “स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर सरयू आरती का आयोजन विशेष रूप से किया गया। इस दौरान मां भारती की विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की गई और 5100 बत्तियों से भव्य आरती उतारी गई। यह आरती देश की आजादी के लिए शहीद हुए वीर सैनिकों की आत्माओं को समर्पित की गई। आज के दिन हमारा देश आजाद हुआ था, और इस अवसर पर हमने मां भारती और हमारे शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।” इस आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने तिरंगे झंडे लहराते हुए ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। सरयू नदी के किनारे गूंजे देशभक्ति के गीतों ने सभी के दिलों में जोश और उत्साह का संचार किया। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का एक अनूठा संगम बताया। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिकता का प्रतीक था, बल्कि देश के प्रति अगाध प्रेम और शहीदों के बलिदान के प्रति सम्मान का भी एक जीवंत उदाहरण बन गया। सरयू तट पर आयोजित इस विशेष आरती ने अयोध्या की पवित्र भूमि पर देशभक्ति की एक नई मिसाल कायम की।
