धर्म के लिए आलस्य न करें : आचार्य महाश्रमण
09-03-2020, सोमवार, तासगांव, सांगली, महाराष्ट्र। अपनी पावन ज्ञानचेतना से जन-जन के अज्ञान रूपी अंधकार का नाश करने वाले अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य महाश्रमण जी ने आज प्रातः है कवठेएकन्द के न्यू इंग्लिश मीडियम स्कूल से मंगल विहार किया। इस क्षेत्र में अंगूरों के खेतों की बहुलता होने के कारण सड़क मार्ग के दोनों ओर अंगूर की बेल बहू आयात में दृष्टिगोचर हो रही थी। सद्भावना, नैतिकता एवं नशामुक्ति के संदेश के साथ लगभग 5 किलोमीटर विहार कर ज्योतिचरण श्री महाश्रमण अंगूर नगरी कहे जाने वाले तासगांव में पधारे। जैन शासन प्रभावक आचार्य के पदार्पण से स्थानीय सकल जैन समाज में हर्षोल्लास से अहिंसा यात्रा का अभिनंदन किया। गांव के जैन स्थानक एवं श्रद्धालुओं को मंगल आशीष प्रदान करते हुए आचार्य श्री पद्मावती मंगल कार्यालय में पधारे।
प्रवचन सभा में अमृतवाणी फरमाते हुए पूज्य गुरुदेव ने फरमाया–हमारी दुनिया नित्य भी है और अनित्य भी हैं। इस में में परिवर्तन होता रहता है। शरीर अनित्य है, आत्मा को एक दृष्टि से नित्य कहा जा सकता है। इसलिए व्यक्ति को धर्म के काम में आलस्य नहीं करना चाहिए। कल करूंगा सोच कर कल के लिए धर्म नहीं छोड़ना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि जिसने मौत से दोस्ती कर ली या फिर कोई इतना तेज गति वाला है कि जब मृत्यु आए वह उसे पकड़ ना सके वह कल पर कोई कार्य छोड़ता है। परंतु हम लोगों ने न तो मृत्यु से दोस्ती की है, ना ही कोई इतना तेज है कोई अमर भी नहीं है। इसलिए आलस्य नहीं करके धर्म का कार्य आज से ही व्यक्ति को प्रारंभ करना चाहिए। कल का क्या भरोसा है, क्षण भर का भी भरोसा नहीं है।
एक गीत का संगान करते हुए आचार्य श्री ने आगे कहा कि धन, संपत्ति व शरीर सब अशास्वत है। मृत्यु पल-पल निकट आ रही है। हम धर्म का संचय करें। व्यक्ति धन इकट्ठा करता है धर्म भी इकट्ठा करें। धर्म का खजाना आगे भी काम आएगा। धर्म जीवन में रहे तो जीवन सफल बन सकता है।
होली के संदर्भ में फरमाते हुए महातपस्वी महाश्रमण ने कहा कि भारत का यह प्रमुख त्योहार जिससे रंग जुड़े हुए हैं वह तो बाहर के रंग है। हमारे भीतर भक्ति का रंग रहे। पवित्र सेवा का रंग हम पर चढ़े। अगर भक्ति, साधना, सेवा का रंग हमारे भीतर रहे तो उत्थान को प्राप्त कर सकते हैं। चातुर्मासिक पक्की भी आज है। यह चार मास के दोषों की विशुद्ध का समय है। चार मास में मैंने क्या किया व्यक्ति चिंतन करें।
आचार्यवर ने इस अवसर पर नमस्कार महामंत्र के रंगों के साथ ध्यान करवाया। गुरुदेव ने स्थानीय श्रावक समाज को सम्यक्त्व दीक्षा भी प्रदान की। स्वागत के क्रम में सांसद संजय पाटिल, विधायक श्रीमती सुमनताई पाटील, पूर्व नगर अध्यक्ष बाबासाहेब पाटील, तासगांव बीजेपी के डॉक्टर विनय सावंत, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जज श्री गौतम चोरडिया आदि अन्य गणमान्य जनों ने शांतिदूत का अभिनंदन किया। अजय गटागट, विनोद घोड़ावत, प्रवीण दूगड़, उम्मेद बोथरा, रूपाली बाफना, सचिन बोथरा, माही दूगड़ आदि अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। महिला मंडल एवं नन्हे बच्चों ने सुंदर प्रस्तुतियां दी।


