अमराईवाड़ी। महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वीश्री मधुबालाजी के सानिध्य में केंद्र द्वारा निर्देशित कार्यक्रम स्व से शिखर तक की दूसरी कार्यशाला मिस्टर एंड मिसेस परफेक्ट का आयोजन तेरापंथ महिला मंडल अमराईवाडी द्वारा तेरापंथ भवन में किया गया। कार्यक्रम की मंगल शुरुआत नमस्कार महामंत्र के द्वारा साध्वीश्रीजी ने की। तत्पश्चात महिला मंडल की बहनों ने प्रेरणा सॉग के द्वारा मंगलाचरण किया। अध्यक्षा श्रीमती संगीताजी सिंघवी ने कार्यशाला में पधारे हुए सभी महानुभाओं का स्वागत, अभिनंदन किया तथा विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान सतीशजी चोरड़िया पधारे।
साध्वीश्री मंजुलयशाजी ने भक्तामर स्तोत्र के 12 श्लोक तथा चौबीसी की दूसरी गीतिका का संज्ञान किया। साध्वीश्री मर्यादाश्रीजी ने सभी श्रोताओं को प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए फरमाया कि सभी पति-पत्नी एक दूसरे की भावनाओं को समझें। एक दूसरे के प्रति सहिष्णुता के भाव रखें, क्षमा करने की भावना रखें और श्रमशील बने तो जीवन सुंदर बन सकता है। एक गीतिका ऐसा अपना घर हो के द्वारा लोगों को प्रेरित किया।
साध्वीश्री सौभाग्यश्रीजी ने बढ़ती हुई फिजूलखर्ची को रोकने के लिए, अपनी इच्छाओं का सीमा करण करने के लिए एक कविता के माध्यम से प्रेरणा दी।
साध्वीश्री विज्ञानश्रीजी ने कहा कि हर पति-पत्नी को चाहिए कि वह किसी बात को लेकर तकरार ना करें। तकरार हो जाए तो उसके बाद उसे घर के बाहर न जाने दे तथा शासनश्री साध्वीश्री मधुबालाजी कि कुछ शिक्षाओं का, कुछ भावनाओं का वाचन करते हुए प्रेरणा प्रदान की।
साध्वीश्री मंजुलयशाजी ने धर्म को सबसे श्रेष्ठ जीवन साथी बताते हुए सभी को जीवन में धर्म करने के लिए प्रेरित किया और प्रतिदिन सामायिक करने का नियम दिलवाया। नेमिनाथ भगवान और राजू की स्टोरी बताते हुए ऐसा साथ निभाने की प्रेरणा दी।
श्रीमान सतीशजी चोरड़िया ने बताया कि गलतियां हर व्यक्ति से होती हैं लेकिन उन गलतियों को पकड़कर नहीं रखना चाहिए। लेट गो करना सीखे। गुस्सा सबको आता है लेकिन गुस्से को कंट्रोल करना सीखे। एक-दूसरे पर विश्वास बनाए रखें। एक-दूसरे की केयर करना सीखे, केयर करें। एक-दूसरे को समझे। छोटी-छोटी खुशियों में साथ दें। पति को क्या पसंद है,इसका ख्याल पत्नी रखे।पत्नी को क्या पसंद है, इसका ख्याल पति रखें। हो सकता है कभी पति काम में बिजी हो और आपके कहे काम नहीं हुआ हो फिर भी उस समय धैर्य से काम ले। जीवन में उतार-चढ़ाव,नरम-गरम सब चलता रहता है। समय बदलते देर नहीं लगती। कई छोटे-छोटे उदाहरण के द्वारा सबको अपने रिश्ते को मजबूत बनाने की प्रेरणा दी दोनों ही अपने-अपने जिम्मेदारियों का ख्याल रखें और अपनी बात को सही समय पर सही तरीके से प्रस्तुत करें। दोनों के मन में एक-दूसरे के प्रति आदर का भाव होना चाहिये, तभी हमारा रिश्ता मजबूत बन सकता है। रूठे हुए पति और पत्नी को मनाने के लिए कुछ गीत की पंक्तियों के द्वारा भी सब को प्रेरणा दी।
उपसिका मंजू देवी गेलड़ा ने अपने जीवन की कुछ बातों को प्रस्तुत करते हुए बहनों को प्रेरणा दी। तत्पश्चात आध्यात्मिक कपल गेम करवाया गया। जिसमें बेस्ट कपल श्रीमान दिनेशजी नीरुदेवी सिंघवी रहे। उन्हें मंडल के द्वारा सम्मानित किया गया तथा बेस्ट उपहार में भी नीरूदेवी दिनेशजी सिंघवी रहे। उन्हें मंडल के द्वारा सम्मानित किया गया। सभी को चौबीसी तथा भक्तामर सीखने के लिए भी प्रेरणा दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन लक्ष्मीजी सिसोदिया ने तथा आभार ज्ञापन सहमंत्री सेजल मंडोत ने किया। अच्छी उपस्थिति में यह कार्यशाला बहुत ही सुंदर रोचक रही।
अमराईवाड़ी में “मिस्टर एंड मिसेस परफेक्ट” कार्यशाला का आयोजन

