CII बिग पिक्चर समिट 2025 में फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर दिनेश विजन ने भारतीय सिनेमा के आने वाले कल पर एक दमदार और दूरदर्शी नजरिया रखा। मैडॉक फिल्म्स के पीछे की ताकत होने के नाते, जो आज इंडस्ट्री के सबसे तेजी से बढ़ते और हर जॉनर में एक्सपेरिमेंट करने वाले स्टूडियोज में से एक है, विजन ने बॉलीवुड के अगले बड़े जंप पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा, “अब इंडिया को दुनिया के सामने ले जाने का वक्त आ गया है। टेक्नोलॉजी और एआई के साथ अपनी कहानियों को ग्लोबल बनाना है। और ग्लोबल होने के लिए सबसे पहले खुद को असली बनाए रखना जरूरी है। अब इंडियन होना कूल हो चुका है। हमें अपनी पहचान पर गर्व है और वही हमारा कंटेंट का सबसे स्वीट स्पॉट बन गया है। आज एआई सबके लिए है, डेमोक्रेटिक है। हम अपनी कहानियों की भूलभुलैया, अपनी संस्कृति की गहराई को टेक्नोलॉजी और एआई के साथ मिलाकर दुनिया तक पहुंचाना चाहते हैं। हमारी संस्कृति शायद सबसे पुरानी और सबसे समृद्ध है।” विजन ने ये भी बताया कि कभी-कभी इंडस्ट्री को एक अनएक्सपेक्टेड पुश, एक “एक्सीडेंट” की जरूरत होती है, ताकि वो समझ पाए कि असल में लोग क्या पसंद करते हैं। उनकी टीम के लिए 2017 में स्ट्री वही एक्सीडेंट साबित हुई। जब कई लोगों ने कहा कि ऐसी फिल्म थिएटर में कभी नहीं चलेगी, तब भी उस सुपरनैचुरल हॉरर-कॉमेडी ने सारी धारणाएं तोड़ दीं। उन्होंने मजेदार अंदाज में कहा, “लोगों ने कहा था कि स्ट्री जैसी फिल्म सिनेमा में नहीं चलेगी। और आज देखिए, स्ट्री 2 ऑल टाइम की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन चुकी है।”
विजन ने डिजिटल डील्स पर भी बात की, जो प्रोड्यूसर्स को एक तरह की सेफ्टी देती हैं क्योंकि इससे प्रोडक्शन कॉस्ट का बड़ा हिस्सा रिकवर हो जाता है। लेकिन उन्होंने ये चेतावनी भी दी कि सिर्फ़ इसी सहारे रहने से क्रिएटिव एम्बिशन कहीं दब न जाए। बड़े लेवल की फिल्मों की डिस्ट्रीब्यूशन की बात करते हुए उन्होंने अपने सबसे एम्बिशियस प्रोजेक्ट महावतार का जिक्र किया। उन्होंने बताया, “जब हम महावतार जैसी फिल्म बनाते हैं, तो वो बिकने के लिए नहीं होती। हमें नहीं पता ये फिल्म कहां तक जाएगी। हो सकता है ये अब तक की हमारी सबसे ज्यादा इंडियन फिल्म हो, लेकिन इस लेवल तक पहुंचने में हमें करीब 20 साल लगे हैं, जहां हम ऐसी फिल्म बनाकर उसे बेचने की जल्दी नहीं करते। ऐसी कॉन्फिडेंस और पेशेंस पहले कभी नहीं देखा गया।” उनकी बातों से साफ झलक रहा था कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां अब बात है कॉन्फिडेंस की, क्रिएटिव ओनरशिप की और ग्लोबल सोच की।
जैसे-जैसे बॉलीवुड इंटरनेशनल स्टेज पर खुद को साबित कर रहा है, विजन का मानना है कि असली ग्रोथ तब होगी जब क्रिएटर्स अपनी जड़ों से निकली कहानियों पर पूरा भरोसा करेंगे। अपने विजन के जरिए दिनेश विजन ने ये भी दिखाया कि कैसे मैडॉक फिल्म्स टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए, लेकिन इंडियन पहचान और कहानी कहने की परंपरा से जुड़े रहते हुए, भारतीय सिनेमा का भविष्य गढ़ रही है। 2025 में दमदार लाइनअप के साथ, मैडॉक फिल्म्स आज देश की सबसे तेजी से बढ़ती प्रोडक्शन हाउसेज में से एक बन चुकी है, जो देशभक्ति ड्रामा से लेकर हॉरर कॉमेडी, हिस्टोरिकल सागा और दिल छू लेने वाली रोमांटिक कहानियां तक, हर जॉनर में हिट दे रही है। अब साल खत्म करने के लिए भी स्टूडियो पूरी तरह तैयार है अपनी अगली फिल्म इक्कीस के साथ, जो 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
“अब बारी है इंडिया को ग्लोबल बनाने की”: दिनेश विजन ने भारतीय सिनेमा के भविष्य की दिशा तय की

