मुंबई। साध्वी श्री आणिमाश्रीजी एवं साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी के सांनिध्य में महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में साध्वी श्रीजी की प्रबल प्रेरणा से प्रारंभ ग्यारह करोड़ ॐ भिक्षु जपानुष्ठान दो महीने की साधना के बाद विशेष अनुष्ठान के साथ सम्पन्न हुआ। जपयानुष्ठान में सहयोगी साधक साधिकाओं ने एक विशेष ऊर्जा की अनुभूति की। साध्वी श्री आणिमाश्रीजी ने कहा आचार्य भिक्षु के ह्रदय में यौवन में ही संयम तप त्याग व वैराग्य के बीज प्रस्फुटित हुए। स्वयं ने सन्यास के कठोर पथ का वरण कर जन जन मर्यादा , अनुशासन और संयम का मार्ग बताया। अंतिम श्वास तक जन कल्याण के लिए अपने
समय श्रम शक्ति का नियोजन करते रहे। आज उस महापुरुष का पुण्य स्मरण हमारे भीतर नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। आचार्य भिक्षु सिद्ध साधक थे। उनका नाम सज स्मरण सिद्धि के द्वारा उद्घाटित कर सकता है। ॐ भिक्षु का चमत्कारी मन्त्र विघ्न बाधाओ का निराकरण कर आत्मतोज की अनुभूति कराने वाला है।
तेरापंथ समाज मे तो आचार्य भिक्षु के प्रति अगाध श्रद्धा है ही किन्तु जैनेतर समाज के लोग भी आचार्य भिक्षु के भक्त है। लाखो लोग ॐ भिक्षु का जप करते है। हमने पांच करोड़ जप का सोचा किन्तु बाबा का चमत्कार यह जप ग्यारह करोड़ तक पहुंच गया। सभी जप साधको के प्रति मंगलकामना , निरन्तरता जप में बनी रहे एवं अध्यात्म की दिशा में गति प्रगति हो ।
साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी ने विधि पूर्वक जप अनुष्ठान संपन्न करवाते हुए महत्वपूर्ण प्रयोग करवाए। आधे घंटे के इस विशिष्ट अनुष्ठान में परिषद इतनी तल्लीन हो गई। मानो बाबा से साक्षात्कार हो रहा है। रक्षा कवच का निर्माण करने के बाद विशिष्ट मन्त्रो का जप किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष किशनलाल डागलिया, ने साध्वी श्रीजी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा इस प्रकार का यह अनुष्ठान हम पहली बार कर रहे है। ऐसा लग रहा था हमारे भीतर नई ऊर्जा का संचार हुआ है। पूरी परिषद भिक्षुमय बन गई। परिषद की तरफ से हार्दिक कृतज्ञता। साध्वी कर्णिका, साध्वी सुधाप्रभाजी, साध्वी स्मतव्यशाजी, साध्वी मैत्रीप्रभाजी ने मंगल संगान किया। यह जानकारी तेयुप दक्षिण मुंबई के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ ने दी
कालबादेवी तेरापंथ भवन में ग्यारह करोड़ ॐ भिक्षु जपयानुष्ठान का वृहद महायज्ञ सम्पन्न

