मुंबई:महाराष्ट्र से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेन शनिवार को अपने नियमित मार्ग से ना होकर ओडिशा के राउरकेला से होकर गुजरी। यात्रियों ने समझा कि ड्राइवर ने गलत ट्रैक पर ट्रेन दौड़ा दी और इसको लेकर वह काफी नाराज थे। हालांकि, रेलवे ने कहा है कि रूट पर अधिक गाड़ियों की वजह से जानबूझकर रास्ता बदला गया।
महाराष्ट्र के वसई रोड से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के लिए गुरुवार को रवाना हुई ट्रेन में सैकड़ों प्रवासी श्रमिक सवार थे। राउरकेला पहुंचने पर ट्रेन में सवार यात्री नाराज हो गए। कुछ यात्रियों ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें डर था कि चालक ने गलत मार्ग चुन लिया था।
राउरकेला के स्टेशन प्रबंधक अभय मिश्रा ने कहा, ”चालक द्वारा मार्ग भूलने या गलत मार्ग पर चले जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। हमें अच्छे से पता था कि यह ट्रेन राउरकेला से होकर गुजरने वाली है। स्टेशन पर रुकने के दौरान आगे बढ़ने से पहले ट्रेन में पीने का पानी सहित सभी आवश्यक सामग्रियां रखी गई।”
उन्होंने कहा कि रेल मार्गों पर भीड़भाड़ है क्योंकि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसलिए ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है ताकि लोग बिना रुके अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर शनिवार को जब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो पत्रकारों ने उनसे भी यह सवाल दागा। उन्होंने कहा कि यह फैसला जानबूझकर किया गया क्योंकि रूट बहुत अधिक व्यस्त था। उन्होंने कहा कि जब कहीं जाम लगा हो तो वहां धीरे-धीरे चलने से अच्छा होता है कि आप एक लंबे रूट से तेजी से निकल जाएं।

