मुंबई: दुबई से मुंबई आए 63 साल के कोरोना संक्रमित की मंगलवार सुबह मौत हो गई है। वह कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती था। इस मौत के साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना से मरने वालों की संख्या चार हो गई है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हो गए हैं। मंगलवार सुबह चार नए मामले सामने आए, जिसमें से 3 पुणे से और एक सांगली से है। सांगली में पहली बार कोई कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है। अब महाराष्ट्र में मरीजों की संख्या 101 हो गई है।
63 साल के जिस बुजुर्ग की आज मौत हुई वो 15 मार्च को यूएई से अहमदाबाद आया था। वहां से मुंबई पहुंचा। गले में तकलीफ और सांस लेने में परेशानी होने के चलते 20 मार्च को उसे अस्पताल में एडमिट किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक मृत बुजुर्ग को डायबटीज था। उसे हाई ब्लडप्रेशर की भी शिकायत थी। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सोमवार को से कस्तूरबा हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। मृतक के परिवार के लोग अहमदाबाद और मुंबई में हैं। दोनों ही जगह उसके रिश्तेदारों को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया है।
महाराष्ट्र में तीन मौतें, तीनों मुंबई के मामले
महाराष्ट्र में पिछले आठ दिन में कोरोना पॉजिटिव तीन लोगों की मौत हुई है। तीनों मामले मुंबई के हैं। तीनों ने ही मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में दम तोड़ा। सबसे पहले 17 मार्च को 64 साल के कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत हुई। 22 मार्च को 69 साल के कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग की मौत हुई। बाद में उसकी पॉजिटिव आई।
पूरे प्रदेश में कर्फ्यू
कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे राज्य में लगाई गई धारा 144 के फेल होने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने आज से पूरे राज्य में कर्फ्यू घोषित कर दिया है। इसी के साथ राज्य के सभी बॉर्डर और शहरों की सीमाओं को भी सील किया गया है। इससे दूसरे जिलों से निजी वाहन, बस और अन्य परिवहन सेवाओं की आवाजाही नहीं हो सकेगी।
कर्फ्यू के बावजूद लोगों ने किया मॉर्निंग वॉक
इस बीच कर्फ्यू के बावजूद आज मुंबई, पुणे और नागपुर के कई पार्कों और सड़क पर लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए मॉर्निंगवॉक करते नजर आए। कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए पुणे और मुंबई समेत कई शहरों में सुबह से ही लाउडस्पीकर से घोषणाएं की जा रही हैं।

