मुंबई। होली चातुर्मास प्रवास शासनश्री साध्वी श्री कैलाशवतीजी एवं साध्वीवृंद के सानिध्य में मुलुंड में हुआ और सायन कोलीवाड़ा से बस गई। सायन कोलीवाड़ा महिला मंडल बहनों ने गीतिका प्रस्तुत की। कोलीवाड़ा तेयुप के अध्यक्ष अविलेश जी डांगी ने अपने विचार व्यक्त किएऔर कोलीवाडा महिला मंडल सेअनिता जी डांगी ने कविता के माध्यम से प्रस्तुती दी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवरत्न जी गन्ना, संयोजिका सीमा जी सोनी,सहसंयोजिका तरुणा जी कोठारी, मुंबई कार्यकारिणी (कोलीवाड़ा) से विशेष सहयोगी सरिताजी ढालावत की उपस्थिति रही । साध्वी सम्यक्त्वयशाजी, साध्वी ललिताश्रीजी और साध्वी शारदाप्रभाजी ने गीतिका प्रस्तुत की। साध्वी शारदाप्रभाजी ने नवकार मंत्र के पदों का रंग के साथ ध्यान करके आध्यात्मिक होली का महत्व बताया। अपने हर रंग के प्रभाव व शक्ति का मर्म समझाया। साध्वी पंकज श्री ने मंत्रों के प्रभाव से जीवन तथा व्यापार में कैसे शांति व तरक्की हो, इस बारे में संपूर्ण जानकारी दी।
शासनश्री साध्वी श्री साध्वी श्री कैलाशवतीजी ने होलिका की कहानी के माध्यम से बताया कि हम होली क्यों मनाते हैं। आपने कहा कि होली जलाते समय मन के बुरे भावों को भी जला दें। साध्वी श्री जी ने धुलेंडी को भी कहानी के माध्यम से समझाया।सायन कोलीवाड़ा से 40 भाई बहनों की उपस्थिति रही।
होली चातुर्मास हेतु सायन-कोलीवाड़ा से मुलुंड पहुंचे श्रावक

