लखनऊ: कांग्रेस ने सोमवार को लखनऊ में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा, ‘‘मेरी सुरक्षा का सवाल बहुत छोटा सवाल है, इस पर चर्चा की जरूरत नहीं है। आज प्रदेश की जनता की सुरक्षा का सवाल है। मैं अपनी सुरक्षा का मुद्दा नहीं उठाऊंगी, क्योंकि यह फिजूल है। सीएम ने जनता से बदले की बात की और पुलिस-प्रशासन उस पर कायम है’’
प्रियंका गांधी ने कहा- हमने राज्यपाल को चिट्ठी भेजी, यह संपूर्ण दस्तावेज है
- ‘हमारी तरह से राज्यपाल महोदया को एक चिट्ठी भी भेजी गई है। यह एक संपूर्ण दस्तावेज है। जैसा कि आप पुलिस की अराजकता को देख रहे हैं। जनता को न्याय के कानूनी आधार नहीं है। मैंने चिट्ठी में लिखा है कि बिजनौर में दो नौजवानों की जान गई थी। दोनों सामान्य परिवार से थे।’
- ‘मैंने अनस के परिजन से मुलाकात की थी। हिंसा में मौत के बाद जब पीड़ित परिवार पुलिस के पास गया तो उन्हें धमकाया था कि आप पर ही एफआईआर कर दी जाएगी।
- अनस के पिता ने कहा था कि मैं अपने बेटी कब्र तक को देखने नहीं जा पाऊंगा। 21 साल के साहिद की भी मौत हुई थी, वो नोएडा में रहकर ट्यूशन पढ़ाता था।’
- ‘लखनऊ में मैं दारापुरी से मिलने जा रही थी। 77 साल के हैं वे और उन्हें एक फेसबुक पोस्ट के लिए घर से पुलिस ने उठा लिया। 48 लोगों के साथ उनका नाम एक लिस्ट में रखा गया था। वाराणसी में कई बच्चे बीएचयू के प्रदर्शन कर रहे थे। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें जेल भेज दिया गया।’
- ‘24-25 साल के बच्चों को जेल भेज दिया गया। ये वो केस हैं, जिनका रिकॉर्ड है। 5500 लोग गिरफ्तार हुए हैं। अनऑफिशियली यह नंबर ज्यादा है। कई लोग अज्ञात हैं, जिन्हें जेल में पीटा जा रहा है। पुलिस और प्रशासन गलत काम कर रहे हैं, उनके रिकॉर्ड हैं चिट्ठी में।’
- ‘मुख्यमंत्रीजी ने जो बयान दिया कि बदला लेंगे, उस बयान पर पुलिस और प्रशासन कायम है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ होगा कि सीएम ने ऐसा बयान दिया कि जनता के खिलाफ बदला लिया जाएगा। जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है,उनमें दारापुरीजी का भी नाम है।’
- ‘कृष्ण-राम का देश है, जो करुणा के प्रतीक हैं। इस देश की आत्मा में हिंसा, बदला और रंज की जगह नहीं है। जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था। महाभारत के महान युद्ध में महान योद्धा से श्रीकृष्ण ने रंज और बदले की बात नहीं की थी, करुणा-प्रेम की भावना उजागर की थी। उप्र के सीएम ने भगवा धारण किया है। ये भगवा आपका नहीं है, ये भगवा हिंदुस्तान की आध्यात्मिकता का प्रतीक है। हिंदुस्तान का धर्म है भगवा और आप उस धर्म को धारण करें। उस धर्म में बदला और रंज की जगह नहीं है।’

