लखनऊ:पीएम घोटाले में सोमवार को यूपी पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के पूर्व एमडी अयोध्या प्रसाद उर्फ एके मिश्रा को गिरफ्तार किया है। एके मिश्रा अखिलेश सरकार के करीबी थे और सपा सरकार के दौरान इन्हें 3 बार सेवा विस्तार मिला था।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार के मामलों के हो रहे एक के बाद एक खुलासे के चलते एके मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सोमवार रात से ही गोमतीनगर और अलीगंज के आवास और दफ़्तर पर यूपी पुलिस की विशेष टीम अयोध्या प्रसाद मिश्रा पर नजर बनाये हुए थी।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर रात सख्त तेवर अपनाते हुए यूपी पावर कारपोरेशन की मौजूदा एमडी और सचिव ऊर्जा अपर्णा यू को हटा दिया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईएएस एम. देवराज को यूपी पावर कारपोरेशन का नया एमडी बनाया गया है। अपर्णा यू के पास यूपी जल विद्युत उत्पादन कारपोरेशन के एमडी का भी चार्ज था। उन्हें इस पद से भी हटा दिया गया है। इसका चार्ज भी एम. देवराज को सौंपा गया है। अपर्णा को सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन बनाया गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस घोटाले में जल्द ही यूपी पावर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार भी हटाए जा सकते हैं। वे ट्रस्ट के चेयरमैन हैं।
बिजली कर्मचारी आज हड़ताल पर
उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों ने भविष्य निधि घोटाले के विरोध में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन और 18 नवंबर से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार करने का फैसला किया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पीएफ घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा का स्वागत किया लेकिन चेयरमैन पावर कारपोरेशन से बातचीत का कोई नतीजा न निकलने के बाद आगामी 18 व 19 नवम्बर को 48 घंटे का कार्य बहिष्कार तथा 5 नवंबर को शक्ति भवन मुख्यालय सहित सभी जिला व परियोजना मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

