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Reading: बच्चों में बढ़ा आई स्ट्रोक का खतरा, देर रात फोन देखने से हो रही हैं आंखें टेढ़ी
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बच्चों में बढ़ा आई स्ट्रोक का खतरा, देर रात फोन देखने से हो रही हैं आंखें टेढ़ी

Last updated: October 30, 2019 8:00 am
Surabhi Saloni
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3 Min Read
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अंधेरे में स्मार्टफोन देखते रहने की लत आपकी आंखों के लिए घातक साबित हो सकती है। चीन के डॉक्टरों ने दावा किया है कि इससे आई स्ट्रोक और बच्चों में आंखें टेढ़ी होने का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में चीन के एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी स्मार्टफोन देखने की लत के कारण चली गई।

डॉक्टरों के अनुसार रात को सोने के वक्त देर तक स्मार्टफोन देखने की वजह से इस व्यक्ति को आई स्ट्रोक हुआ और एक झटके में उसकी आंखों की रोशनी चली गई।  पीड़ित व्यक्ति का नाम वांग है और उसे अंधेरे में देर तक स्मार्टफोन पर वीडियो गेम खेलने की आदत थी।

रेटिना में नहीं पहुंचती ऑक्सीजन: शानजी प्रांत के डॉक्टरों ने वांग में सेंट्रल रेटिनल आर्टिओकक्लूशन नामक बीमारी की पहचान की है। इस बीमारी को आई स्ट्रोक भी कहा जाता है। यह आंखों के रेटिना में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली धमनियों के संकरा होने या अवरूद्ध होने की वजह से होती है। इससे दुनियाभर में दो करोड़ से ज्यादा लोग पीड़ित हैं। हालांकि, अमेरिकी डॉक्टरों का मानना है कि वांग को ओकक्युलर माइग्रेन का दौरा पड़ा होगा, जिससे अस्थायी तौर पर उसकी दृष्टि चली गई। ऐसा रेटिना या आंखों के पीछे के हिस्से में मरोड़ की वजह से होता है।

वहीं, वांग ने बताया कि वह अपनी दाईं आंख का इस्तेमाल अपने फोन को देखने के लिए कर रहा था और उसे कुछ शब्द दिखाई दे रहे थे और कुछ दिखाई नहीं दे रहे थे। उसके डॉक्टर ली ताओ ने कहा कि वांग की दृष्टि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल की वजह से गई है, क्योंकि इससे उसकी दृष्टि पर अत्यधिक जोर पड़ रहा था।  वांग ने स्वीकार किया कि उसे रात को अंधेरे में लंबे समय तक स्मार्टफोन पर वीडियो गेम खेलने की लत थी।

लगातार बढ़ रहा बच्चों के चश्मे का नंबर-
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों मोबाइल फोन, टैब और लैपटॉप पर नजरें गड़ाए रहने से बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे बच्चों की दूर की नजर कमजोर हो रही है। लगातार नजदीक से देखने के कारण आंखों पर जोर पड़ता है और उनमें रुखापन आ रहा है। इससे बच्चों की आंखें टेढ़ी होती जा रही हैं। उनके चश्मे का नंबर बढ़ रहा है।

क्या है आई स्ट्रोक- 
दिमाग में होने वाले स्ट्रोक की तरह ही जब रेटिना तक पहुंचने वाले रक्त का प्रवाह रुक जाता है तब आई स्ट्रोक होता है। रेटिना ऊतकों की एक पतली परत है, जो देखने में मदद करती है। आई स्ट्रोक से दृष्टि काफी कमजोर हो जाती है या फिर दिखना पूरी तरह से  बंद हो जाता है। रक्त का प्रवाह अवरूद्ध होने से रेटिना को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और कुछ मिनटों या घंटों में कोशिकाएं मरने लगती हैं।

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