विकास धाकड़/मुंबई। चेम्बूर तेरापंथ समाज में प्रथम बार अत्यंत भव्य और नव्य वातावरण में महापर्व की आराधना की गई। ग्रांड नालंदा बैंक्वेट के दोनों सभागारों में प्रतिदिन उमड़ती भीड़ जनता के उत्साह एवं विश्वास की द्योतक रही। एक ही प्रांगण में करीब 10 घंटे लगातार व्याख्यानमाला व 500 से अधिक पौषध से एक कीर्तिमान ही बन गया। खाद्यसंयम दिवस – पर्युषण पर्व का आगाज नए अंदाज में हुआ। सैकड़ों भाई-बहनों ने द्रव्य संयम आदि का संकल्प लिया। 90 भाई-बहनों ने अट्ठम तप व करीब 51 भाई-बहन अठाई व उससे आगे तप में जुड़े। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने भगवान महावीर के ‘नयसार’ के भव की व्याख्या के साथ अध्यात्म यात्रा का निरूपण किया।
साध्वी डॉ. योगक्षेमप्रभा जी ने भगवान ऋषभ के पूर्वजन्मों की मार्मिक प्रस्तुति दी। साध्वी लावण्यप्रभाजी ने खाद्यसंयम की महिमा बताई। साध्वी मधुरप्रमाजी ने विषय से संबद्ध गीत की प्रस्तुति दी। मंगलाचरण चेम्बूर महिला मंडल ने किया। सभाध्यक्ष लक्ष्मणजी कोठारी ने अपने विचार व्यक्त किए। साध्वीवृंद ने समवेत स्वरों में गीत प्रस्तुत किया। स्वाध्याय दिवस – पर्युषण के द्वितीय दिन स्वाध्याय की प्रेरणा देते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने भगवान महावीर के पूर्व जन्मों की अत्यंत भावपूर्ण प्रस्तुति दी। साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में भगवान ऋषभ की अध्यात्म यात्रा की अवगति दी।
साध्वी कुंदनयशाजी ने स्वाध्याय दिवस पर वक्तव्य तथा साध्वी मुदितप्रभाजी ने गीत का संगान किया। घाटकोपर तेममं ने मंगलाचरण किया। सामायिक दिवस दि.10 सितम्बर, सामायिक पचरंगी, अभिनव सामायिक आदि के साथ-साथ मुख्य प्रवचन में साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी की सारगर्भित प्रस्तुति, साध्वी योगक्षेमप्रभाजी ने भगवान शांतिनाथ चरित्र व 63 शलाका पुरुष व साध्वी मुदितप्रभाजी ने सामायिक व साध्वी कुंदनयशाजी ने गीत की प्रस्तुति दी मंगलाचरण कूर्ला तेममं ने किया। पूर्व नगरसेविका संगीता हंडोरे व राज्यसभा सांसद चंद्रकांत भाई हंडोरे ने पर्युषण की शुभकामनाएं दी। वाणी संयम दिवस-वाणी के संयम की चर्चा करते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने वाणी संयम क्यों करें, कैसे करें की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी ने वर्तमान परिस्थिति में तीर्थंकरों के उपदेश की प्रासंगिकता बताते हुए भगवान शांतिनाथ की जीवन झांकी प्रस्तुत की। साध्वी मधुरप्रभाजी ने वक्तव्य,लावण्यप्रभाजी ने गीत प्रस्तुत किया। मंगलाचरण काजूपाड़ा की बहनों ने किया। व्रतचेतना दिवस व्रतचेतना दिवस का कार्यक्रम साकीनाका तेमम्म के मधुर संगान से हुआ। साध्वी लावण्यप्रभाजी ने वक्तव्य एवं सा. मधुरप्रभाजी ने गीत की प्रस्तुति दी। साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी ने अव्रत का महासागर और व्रतों की नौका की प्रस्तुति के साथ भ.अरिष्टनेमि के पूर्व जन्मों की सरस प्रस्तुति दी। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने भगवान महावीर के आध्यात्मिक आरोहण व बारह व्रतों के संदर्भ में विवेचन किया। जप दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ विक्रोली महिला मंडल के गीत से हुआ। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी,सा.योगक्षेमप्रभाजी, साध्वी कुंदनयशाजी ने वक्तव्य की अभिव्यक्ति दी।
इस कार्यक्रम में नगर सेविका आशाताई व आमदार विधायक रामकदमजी ने अपने उद्गार व्यक्त किए। ते. सभा मुंबई से अध्यक्ष सुरेन्द्रजी ने भाव प्रकट किए। ध्यान दिवस मंगलाचरण SMWD की बहनों ने किया। घाटकोपर तेयुप व किशोर मंडल चेम्बूर के गीत के पश्चात साध्वी मुदितप्रभाजी ने नवग्रहगर्भित पार्श्व स्तुति का संगान किया। स्थानीय विधायक तुकाराम काते ने पर्युषण की शुभकामनाएं दी। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी की भगवान महावीर की ध्यान साधना पर आकर्षक प्रस्तुति व साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी की धाराप्रवाह ओजस्वी अभिव्यक्ति ने सबका मन मोहा। भगवती संवत्सरी प्रातः 6:00 बजे से ही श्रद्धालुओं के बढ़ते सैलाब व आठ-प्रहरी पौषध के साथ श्रोताओं की उपस्थिति मनमोहक रही। नालंदा बैंक्वेट के दोनों तल जनता से आकर्षित रहे। एक-एक कर सभी साध्वीवृंद की प्रस्तुति से श्रोता करीब 10 घंटे तक जमे रहे। मैत्री पर्व आबाल-वृद्ध पौषध व उपवास तथा सामूहिक क्षमायाचना के मनोरम दृश्य से सब मंत्रमुग्ध थे। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी के मंगल उद्बोधन व विभिन्न संस्थाओं से श्री लक्ष्मण कोठारी, रमेश धोका, रमेश सुतरिया, सलिल लोढ़ा, संदीप कोठारी, स्वास्थ्यलाल तातेड़, हिमांशु गन्ना, महेन्द्र तातेड़, दिलीप मेहता, ममता कच्छारा, शांतिलाल कोठारी आदि ने क्षमायाचना पर उद्गार व्यक्त किए। मंच संचालन साध्वी योगक्षेमप्रभाजी ने कुशलता से किया। रात्रिकालीन कार्यक्रमों में अनेकविध चित्ताकर्षक उपक्रम रहे। सामूहिक प्रतिक्रमण आदि सब उपक्रम सुंदर ढंग से चले।
चेम्बूर {मुंबई} महापर्व में चेम्बूर में अध्यात्म का नया नजारा

