आज के बच्चे कल के कर्णधार-मुनिश्री जिनेश कुमार जी
पालघर। महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री जिनेश कुमारजी ठाणा 2 के सान्निध्य में तुलसी-महाप्रज्ञ जोन की ज्ञानशालाओं का वार्षिकोत्सव “उजास” एवं ज्ञानशाला प्रशिक्षिका व मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन रविवार 6 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा पालघर द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञानशाला के राष्ट्रीय संयोजक सोहनराजजी चोपड़ा, विशेष अतिथि भंवरलालजी कर्णावट, ताराचंदजी बांठिया, सम्मानीय अतिथि श्रीमती सुमनजी चपलोत (आंचलिक संयोजिका), सह प्रभारी अनीता परमार, विभागीय संयोजिका राजश्री कच्छारा आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपस्थित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने कहा ज्ञान प्राप्ति का विशेष उपक्रम है-ज्ञानशाला। ज्ञानशाला आचार्य तुलसी की महत्वपूर्ण देन है। ज्ञानशाला में बच्चों को संस्कार दिए जाते हैं। ज्ञानशाला संस्कारशाला व चारित्र निर्माण शाला है। जो विनयवान, सहिष्षु, जागरूक, स्वस्थ और परिश्रमशील होता है उसे ज्ञान प्राप्त होता है। ज्ञानशाला में पढ़ाने वाली शिक्षिकाऐ अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक रहकर समय प्रतिबद्धता, अनुशासित, शांत, अध्ययनशीलता के साथ कार्य करती हैं। तो बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण कर सकती है। आज के बच्चे कल के कर्णधार है। आज के बच्चे सुसंस्कारी बनकर कल देश की सेवा करेंगे। मुंबई ज्ञानशाला विभाग अच्छा कार्य कर रहा है। प्रशिक्षिकाएं अच्छा परिश्रम कर रही है। सभी साधुवाद के पात्र हैं। मेधावी छात्र भी आगे बढ़ते रहे। तेरापंथी सभा पालघर ने प्रतिभा प्रोत्साहन का उपक्रम रखकर प्रेरणादायक कार्य किया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजक सोहनराजजी चोपड़ा ने कहा मोबाइल के युग में बच्चों को जैन धर्म की शिक्षा देना बहुत बड़ा चैलेंज है। प्रशिक्षिका बहने ज्ञानशाला के माध्यम से यह कार्य बखूबी कर रही है। महासभा के अंतर्गत 532 ज्ञानशाला में लगभग 18000 बच्चे देशभर में शिक्षा एवं संस्कार ग्रहण कर रहे हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मुंबई सभा के पूर्व अध्यक्ष भवरलाल जी कर्णावट, सम्मानीय अतिथि आँचलिक संयोजिका सुमन जी चपलोत आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी का स्वागत सभा अध्यक्ष नरेश जी राठौड़ ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा महाप्रज्ञ अष्टकम द्वारा हुआ। प्रशिक्षिकाओ ने समूह गीत प्रस्तुत किया।
ज्ञानशाला पालघर की रिपोर्ट विजया तलेसरा, बोईसर से हेमा जैन, विरार से सुशीला चोरडिया, सफाला से सीमा मांडोत, नालासोपारा से प्रेमा धाकड़, लक्ष्मी मेहता ने अपनी-अपनी ज्ञानशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विचार व्यक्त किए। पालघर ज्ञानशाला ने प्रेक्षाध्यान जीवन विज्ञान नाटिका, बोईसर ज्ञानशाला ने एक्शन सॉंग ज्ञानशाला की फुलवारी, महाश्रमण जी के तीन बंदर, विरार ज्ञानशाला ने तुलसी के अवदान, नालासोपारा ज्ञानशाला ने तुलसी की देन, सफाला ज्ञानशाला ने नशा मुक्ति नाटिका प्रस्तुत कर सबको भाव विभोर कर दिया। आभार ज्ञापन ज्ञानशाला प्रभारी राकेश श्रीश्रीमाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुनिश्री परमानंद जी एवं हितेश बदामिया ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर तेरापंथी सभा पालघर द्वारा ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओ, मेधावी छात्रों एवं जैन विद्या परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर कक्षा आठ में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सीमा तलेसरा, पालघर केंद्र व्यवस्थापक सुखलाल जी तलेसरा, एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में लगभग 100 बच्चे व 51 प्रशिक्षिकाए, एवं अच्छी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। यह जानकारी दिनेश राठौड़ ने दी।
तुलसी-महाप्रज्ञ जोन ज्ञानशाला वार्षिकोत्सव “उजास” का भव्य आयोजन

