– 23 दीक्षा प्रदान कर आचार्यश्री ने प्रौद्योगिकी में अग्रणी बेंगलुरु को आध्यात्म में भी बनाया अग्रणी
– 20 अक्टूबर 2019 को एक और दीक्षा समारोह आयोजित करने की आचार्यश्री ने की घोषणा
– आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष के एक और चरण की भी आचार्यश्री ने की घोषणा
बेंगलुरु। पहली बार अपनी धवल सेना के साथ कर्नाटक की धरती को पावन बनाने वाले जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के देदीप्यमान महासूर्य, ग्यारहवें अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी बुधवार को बेंगलुरु स्थित भिक्षुधाम में एक साथ 23 दीक्षाएं प्रदान कर नये इतिहास का सृजन किया।
आचार्यश्री ने दीक्षा प्रदान करने के उपरान्त बेंगलुरु अपने चतुर्मास के दौरान 20 अक्टूबर 2019 को एक और दीक्षा समारोह करने की घोषणा की। इसके साथ ही आचार्यश्री ने मुमुक्षु आंचल बरड़िया को इस समारोह में दीक्षा प्रदान करने की घोषणा की।

आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष के एक और चरण की आचार्यश्री ने घोषणा करते हुए कहा कि हुबली में 31 जनवरी 2020 को ‘आचार्य महाप्रज्ञ अभ्यर्थना’ के आयोजन की घोषणा की। आचार्यश्री के श्रीमुख से होती घोषणाओं के साथ पूरा वातावरण जयकारों गूंजित हो रहा था।
प्रस्तुत है नवदीक्षित साधु-साध्वियों के नाम
मुनिवृंद
मुमुक्षु धीरज दक – मुनिश्री धीरजकुमार
मुमुक्षु ऋषभ बुरड़ – मुनिश्री ऋषिकुमार
साध्वीवृंद
समणी कंचनप्रज्ञाजी – साध्वीश्री कृतार्थप्रभा
समणी विनयप्रज्ञाजी – साध्वीश्री बीरप्रभा
समणी उन्नतप्रज्ञाजी – साध्वी उन्नतप्रभा
समणी अखिलप्रज्ञाजी -साध्वीश्री आर्यप्रभा
समणी गंभीरप्रज्ञाजी -साध्वीश्री गितार्थप्रभा
समणी आलोकप्रज्ञाजी -साध्वीश्री आलोकप्रभा
समणी प्रगतिप्रज्ञाजी – साध्वीश्री प्रणतिप्रभा
समणी धृतिप्रज्ञाजी – साध्वीश्री धृतिप्रभा
समणी प्रशस्तप्रज्ञाजी -साध्वीश्री प्रवीणप्रभा
समणी श्वेतप्रज्ञाजी – साध्वीश्री सार्थकप्रभा
समणी यशस्वीप्रज्ञाजी -साध्वीश्री यशस्वीप्रभा
समणी दिव्यप्रज्ञाजी – साध्वीश्री दक्षप्रभा
मुमुक्षु खुशबू – साध्वीश्री खुशीप्रभा
मुमुक्षु अजिता – साध्वीश्री अनन्यप्रभा
मुमुक्षु वंदना – साध्वीश्री विज्ञप्रभा
मुमुक्षु दर्शिका -साध्वीश्री दर्शितप्रभा
मुमुक्षु करिश्मा – साध्वीश्री काम्यप्रभा
मुमुक्षु प्रतिभा – साध्वीश्री परमार्थप्रभा
मुमुक्षु प्रेक्षा – साध्वीश्री हर्षितप्रभा
मुमुक्षु प्रज्ञा – साध्वीश्री प्राज्ञप्रभा
मुमुक्षु चेतना – साध्वीश्री चेतनप्रभा

