मुंबई: हर महीने होने वाले बेस्ट के आर्थिक संकट को स्थायी तौर पर दूर करने की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ रहे हैं। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने बेस्ट बजट को बीएमसी बजट में मिलाने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, वे पहले बेस्ट को दी जाने वाली मदद के नतीजों का अध्ययन चाह रहे हैं। बजट को मिलाने का फैसला छह-सात महीने बाद ही लिए जाने के संकेत मिले हैं। बीएमसी सभागृह से बजट विलीनीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। गुरुवार को ग्रुप नेताओं की बैठक में बेस्ट की आर्थिक स्थिति पर चर्चा हुई।
एक साथ पैसे देने की मांग
बेस्ट को आर्थिक संकट से निकलने के लिए एक साथ करीब 2,000 करोड़ रुपये की जरूरत है। कमिश्नर हर महीने 100 करोड़ रुपये देने की तैयारी दिखा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष रवि राजा ने कहा कि एक साथ पैसे देने से लोन का संकट खत्म होगा और बेस्ट को आर्थिक रूप से मजबूती मिल सकेगी। हर महीने पैसे देने पर बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकेगा जो कि संकट दूर करने के लिए जरूरी है। बेंगलुरु की तर्ज पर बेस्ट डिपो को लीज पर प्राइवेट हाथों में देकर भी कमाई बढ़ाने की राय राजा ने दी।
आर्थिक संकट से जल्द मिलेगी बेस्ट को मुक्ति

