ओडिशा में भीषण चक्रवात ‘फेनी’ के चार दिन बीतने के बाद बिजली-पानी और खाद्य पदार्थों का संकट खड़ा हो गया है। ‘फेनी’ के बाद चारों ओर तबाही के निशान दिख रहे हैं। खासकर भुवनेश्वर से लेकर धार्मिक राजधानी पुरी सहित आसपास के क्षेत्रों में संकट बरकरार है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से लेकर धार्मिक राजधानी पुरी तक बड़े-बड़े बरगद के पेड़ टूटकर गिरे पड़े हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 316 के 65 किलोमीटर की दूरी तक बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर टूटकर गिरे पड़े हैं। कुछ जगहों पर विशाल पेड़ उखड़े पड़े हैं तो कहीं दुकानों से लेकर पेट्रोल पंपों पर बिजली के तार लटकते दिख रहे हैं। फेनी के बाद पुरी के कई प्रमुख स्थलों पर तबाही साफ झलक रही है। शहर के सबसे बड़े पर्यटक स्थल जगन्नाथ मंदिर को ढकने वाला लोहे का मचान भी उखड़ चुका है। जबिक इसी प्रांगण में एक विशाल बरगद का पेड़ टूटकर बिखड़ा पड़ा है। कीमतें आसमान छू रहीं
चक्रवात के बाद आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। आलू 20 रुपये किलो और अंडे 8 से 10 रुपये में बिक रहे हैं। सब्जी की कीमतों में वृद्धि लगातार बनी हुई है। हालांकि कुछ पेट्रोल पंप खुले हुए हैं। पुरी के अंदरूनी हिस्सों में पेट्रोल 150-200 रुपये लीटर बिक रहा है। बिजली और पानी नहीं होने से भुवनेश्वर में बड़ी संख्या में छात्रों को मुश्किल हो रही है।
एटीएम में पैसे नहीं
सुनंदा स्वैन, जो एक निजी संगठन में काम करती हैं, ने मंगलवार सुबह साहिद नगर इलाके में एटीएम के सामने कतार में खड़ी थी, लेकिन जब उनकी बारी आई, तो उन्हें खाली हाथ वापस आना पड़ा। स्वैन ने कहा, मैं नकद लेने के लिए लगभग सभी एटीएम जा चुकी हूं, लेकिन नकद की समस्या बनी हुई है। कोई भी दुकानदार कार्ड से पेमेंट लेने को तैयार नहीं है।
न्यायालय से लेकर हवाईअड्डे तक प्रभावित
फेनी से भुवनेश्वर में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और पेड़ उखड़े पड़े हैं। कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की खिड़की के शीशे टूट गए। यहां तक कि बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का अगला हिस्सा और छत को भी नुकसान पहुंचा। चक्रवात के कारण कटक स्थित उड़ीसा उच्च न्यायालय भी अछूता नहीं रहा। भीषण तूफान से हुए नुकसान के बाद फिलहाल यह बंद पड़ा है।
156,000 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त
राज्य के ऊर्जा सचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि राज्य में 156,000 बिजली के पोल उखड़ गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अकेले पुरी में 56,000 बिजली के पोल उखड़े पड़े हैं। पुरी, खुर्दा और कटक में दूरसंचार सेवा प्रभावित है। यहां बीएसएनएल, रिलायंस जियो और एयरटेल के कई मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शर्मा ने कहा कि राज्य में लगभग 2500 बिजली तकनीशियन हैं जो क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों पर काम कर रहे हैं जबकि वर्तमान में आवश्यकता दोगुनी है। विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक सप्ताह से पहले बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया जा सकता है।
फिलहाल बीमारी का प्रकोप नहीं
राज्य के स्वास्थ्य सचिव प्रमोद मेहरदा ने कहा, अब तक प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी बीमारी का प्रकोप नहीं है, लेकिन सरकार सतर्क है। हमने 804 मेडिकल पुनर्वास केंद्र खोले हैं और 321 मोबाइल मेडिकल टीमों को तैनात किया है। 5700 से अधिक खुले जल स्रोतों को कीटाणुरहित कर दिया गया है और 2.85 मिलियन ओआरएस पाउच वितरित किए गए हैं।
क्या कहते हैं लोग
फिलहाल मैं एक जनरेटर सेट खरीद पाने में सक्षम नहीं हूं। इसलिए मैंने इसे किराए पर लेने की कोशिश की है, लेकिन चिंता की बात यह है कि जहां इसकी कीमत 3 दिन पहले 1,000 रुपये प्रति घंटा थी वहीं इसकी कीमत बढ़कर 1500 प्रति घंटा तक जा पहुंची है।
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