धाकड़ ज्वेलर्स को दिलाई एक करोड़ की क्लेम राशि
मुंबई। नाइस इंश्योरेंस की उत्कृष्ट सेवा का सिलसिला लगातार जारी है। मुंबई के जवेरी बाजार के धाकड़ ज्वेलर्स को उसके कर्मचारी किशनसिंह सोहनसिंह खरवड़ द्वारा धोखाधड़ी करके कंपनी का लाखों के आभूषण और ग्राहकों से अग्रिम राशि लेकर फरार हो गया। जिसकी शिकायत धाकड़ ज्वेलर्स के मालिक पीयूष सुरेश धाकड़ ने अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। कमाल की बात यह रही कि मात्र पुलिस फाइल रिपोर्ट के आठ दिन के भीतर ही एक करोड़ रुपये क्लेम का पूरा का पूरा पैसा नाईस इंश्योरेंस के गणपत डागलिया एवं चिराग डागलिया ने बजाज एलियांज की ज्वेलर्स ब्लॉक पालिसी द्वारा दिलवा दिया, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है, खासकर इंश्योरेंस क्षेत्र के लिए, जहां डागलिया जी जैसे एडवाइजर ना हो तो पालिसी लेने के बाद भी लोगों को खूब दौड़ाया जाता है।
गौरतलब है कि किशनसिंह सोहन सिंह खरवड़ जो धाकड़ ज्वेलर्स के मालिक पीयूष सुरेश धाकड़ और उनके पिताजी के साथ लगभग 25 सालों से काम कर रहा था। खरवड़ कंपनी का पुराना कर्मचारी होने के नाते वह सभी का विश्वासपात्र बन चुका था। धाकड़ ने बताया कि जब मैंने 2015 में खुद का धाकड़ ज्वेलर्स नाम से दुकान खोली और आभूषणों का होलसेल का कारोबार शुरू किया, तो किशनसिंह सोहनसिंह खरवड़ इस कंपनी का खासम-खास बन गया। किशनसिंह सोहन सिंह खरवड़ कंपनी से माल ले जाकर ग्राहकों दिखाते और उनसे नये आॅर्डर बुक करते साथ ही ग्राहकों द्वारा दिए रुपये को सीधे कंपनी में जमा भी कराते थे। यह सिलसिला सालों तक ऐसा ही चलता रहा।
धाकड़ ने बताया अक्षय तृतीया के दिन किशनसिंह सोहन सिंह खरवड़ के मन में बसा चोर बाहर निकला, जब वह धाकड़ ज्वेलर्स का 3760 ग्राम के सोने के गहने जो ग्राहकों को देने थे, उसको लेकर फरार हो गया। कई दिनों तक धाकड़ द्वारा किशनसिंह खरवड़ का इंतजार किया गया, लेकिन खरवड़ नहीं लौटा। कई बार जब पीयूष सुरेश जैन द्वारा खरवड़ को फोन किया गया तो उसका फोन नहीं लगा, फिर खरवड़ के प्रति धाकड़ का विश्वास बना रहा, इनको लगा शायद किशनसिंह सोहनसिंह खरवड़ के साथ कोई हादसा हो गया। पीयूष धाकड़ तब स्तब्ध रह गए जब वह ग्राहकों के पास गए तो किशनसिंह सोहनसिंह खरवड़ की सच्चाई पता चली। वह ग्राहकों से आॅर्डर के नाम रुपये ऐंठ चुका था, साथ ही आॅर्डर किए हुए आभूषणों को भी ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया था। तब तुरंत पीयूष सुरेश धाकड़ ने नजदीकी पुलिस स्टेशन में किशनसिंह सोहनसिंह खरवड़ के नाम एफआईआर दर्ज कराया। शिकायत के कई दिनों बाद, पुलिस ने आरोपी खरवड़ को पकड़ा लेकिन आभूषणों की रिकवरी नही कर पायी।
पीयूष सुरेश धाकड़ की किस्मत अच्छी थी कि इन्होंने खरवड़ द्वारा फरार आभूषणों पर नाइस इंश्योरेंस के गणपत डागलिया और चिराग डागलिया से पालिसी ( फिडेलिटी की पालिसी) ले रखी थी, जिसकी बदौलत ही पीयूष सुरेश धाकड़ को एक करोड़ का क्लेम मिल सका। पीयूष धाकड़ ने बताया कि गणपत डागलिया ने मुझे सलाह दि कि फिडेलिटी की पालिसी सबको लेना चाहिए। इंसान के साथ कब क्या घटित हो जाए यह किसी को पता नहीं है। धाकड़ ने गणपत डागलिया, चिराग डागलिया, बजाज एलियांज के अधिकारी – वैभव परब, राधिका अग्रवाल, महेश भानुशाली, सुप्रिया पवार की जमकर तारीफ की और कहा कि इनकी की बदौलत आज मुझे कहीं दर-दर भटकना नहीं पड़ा उन्होंने ने मुझे बचा लिया। धाकड़ ने कहा मुम्बई ज्वेलरी होलसेल गोल्ड एसोसिएशन से अध्यक्ष, श्री प्रकाश जैन, सेक्रेटरी श्री अनिल पामेचा, महावीर लोढा, महेश बाफना, गौतम कोठारी, सुरेश मेहता, किशन राठौड़, मीठालाल धाकड़, भगवतीलाल धाकड़, ख्यालीलाल धाकड़, विमल वागरेचा, अनिल मेहता ने पूरी तरह सहयोग दिया।
धाकड़ परिवार से मांगीलाल धाकड़, शांतिलाल धाकड़, इंदरमल धाकड़, रूपलाल धाकड़, मोतीलाल धाकड़, भवरलाल धाकड़, कुंदनमल धाकड़, सुनील धाकड़, कांतिलाल धाकड़, दिनेश धाकड़, रमेश धाकड़, नाथूलाल धाकड़, अनिल धाकड़, राजू धाकड़, विनोद धाकड़, बंसीलाल धाकड़, कमलेश धाकड़, संजय धाकड़, नितेश धाकड़ एवं अजित धाकड़ ने अत्यंत प्रशंशा की।
पीयूष सुरेश धाकड़ ने कहा कि भरोसा का दूसरा नाम है नाइस इंश्योरेंस, उन्होंने दूसरों व्यापारियों को भी सलाह दिया कि सभी को इंश्योरेंस पालिसी लेनी चाहिए। इंश्योरेंस पालिसी लेने के कारण मुझे न्याय मिल सका। पुलिस केवल माल की रिकवरी होने का आश्वासन देती रही लेकिन माल की रिकवरी आज तक नहीं हो सकी।

