मुंबई/बुलढाणा। जब कांग्रेस गठबंधन की सरकार थी, तब किसानों को ठोस आर्थिक सहायता दी जाती थी। किसानों की कर्जमाफी की गई थी। किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय कांग्रेस सरकार किसानों की मदद के लिए आगे आती थी, लेकिन 2014 से केंद्र और राज्य में भाजपा की सत्ता आने के बाद किसानों के साथ केवल छल करने का काम किया गया है। कृषि उपज को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर खेती से जुड़ी सामग्री महंगी होने के कारण किसानों की आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। महाराष्ट्र में हर तीन घंटे में एक और प्रतिदिन 8 किसान आत्महत्या कर रहे हैं, और इसके लिए पूरी तरह नरेंद्र और देवेंद्र की सरकार जिम्मेदार है, ऐसा जोरदार हमला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में आज बुलढाणा जिले के मानेगांव से जलगांव जामोद तक शिव सम्मान किसान संघर्ष पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के ओबीसी विभाग के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल भिंगे, बुलढाणा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल बोंद्रे, हनुमंत पवार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान उपस्थित थे। पदयात्रा के समापन सभा में बोलते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सोयाबीन, कपास, प्याज, तूर, चना और धान जैसी फसलों को उचित दाम नहीं मिल रहा है, जिससे किसान परेशान है।
एक ओर प्राकृतिक संकट (आसमानी) और दूसरी ओर सरकारी संकट (सुलतानी) में किसान फंसा हुआ है, लेकिन देश और राज्य की भाजपा सरकार किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही। एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम होने के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। मोदी अमेरिका के सामने झुक गए हैं और उसी दबाव में अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया गया है, जिसका बड़ा असर भारत के किसानों पर पड़ेगा। इस समझौते के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलेगा और किसान बर्बाद हो जाएंगे। यह पाप भाजपा सरकार ने किया है। वहीं कांग्रेस पार्टी किसानों के लिए संघर्ष कर रही है और ‘बळीराजा’ का शासन आने तक कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी, ऐसा सपकाल ने कहा। भाजपा और संघ परिवार के लोग लगातार छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान कर रहे हैं।
उनके इतिहास को विकृत करने का काम किया जा रहा है। गोलवलकर, सावरकर से लेकर भगतसिंह कोश्यारी, राहुल सोलापुरकर और कोरटकर जैसे लोगों ने शिवाजी महाराज का अपमान किया, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के विरोध में भी संघ विचारधारा के लोग थे। इसी विचारधारा ने सावित्रीबाई फुले का भी विरोध किया था, और उसी विचार के फडणवीस आज सत्ता में हैं। लेकिन जान चली जाए, फिर भी शिव, शाहू, फुले और आंबेडकर का महाराष्ट्र किसी को बदलने नहीं देंगे, ऐसा कड़ा इशारा सपकाल ने दिया। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने महाराष्ट्र में पटाखे फोड़कर जश्न मनाया, जबकि राज्य में हर तीन घंटे में एक किसान आत्महत्या कर रहा है और महिलाओं पर रोज अत्याचार हो रहे हैं। ऐसे समय में जश्न मनाते हुए भाजपा को शर्म क्यों नहीं आती, यह सवाल भी उन्होंने उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को हराने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी थी। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट भी मैदान में उतरे और सभी ने मिलकर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को हराया। इस अवसर पर राहुल बोंद्रे और हनुमंत पवार ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोला।

