नई दिल्ली:पाकिस्तान के कब्जे से सकुशल स्वदेश लौटने वाले विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान अब कभी लड़ाकू विमान उड़ा पाएंगे या नहीं, इसका फैसला तीन जांच के बाद किया जाएगा।
विंग कमांडर अभिनंदन की सेना के आरआर अस्पताल में स्वास्थ्य जांच हो रही है। फिर मनोरोग विशेषज्ञों की टीम भी उनकी गहन जांच करेगी। इसके बाद उन्हें रॉ समेत अन्य खुफिया एजेंसियों के सवालों का सामना भी करना होगा। इसके बाद ही वायुसेना यह तय करेगी कि वह आगे लड़ाकू विमान उड़ाएंगे या परिवहन विमान या फिर उन्हें कोई और पद दिया जाएगा।
पूर्व एयर चीफ मार्शल पीके बरबोरा के मुताबिक ये तीनों जांच ऐसे मामलों में निर्धारित मानक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। प्रक्रिया के तीसरे चरण में अभिनंदन से पूछताछ में खुफिया एजेंसियां यह सुनिश्चित करेंगी कि उनसे पाक ने किस तरह के सवाल पूछे और जानकारी लेने में वे सफल हुए या नहीं। सूत्रों के अनुसार प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, यह कहना मुश्किल है। यह अलग बात है कि बहादुर अभिनंदन ने जल्दी ड्यूटी पर वापस लौटने की इच्छा जाहिर की है। कारगिल युद्ध के दौरान आठ दिन बाद पाक की हिरासत से लौटे फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता को बाद में परिवहन विमान उड़ाने का जिम्मा सौंपा गया था।
पाक ने शारीरिक नहीं, मानसिक उत्पीड़न किया
सूत्रों के अनुसार विंग कमांडर अभिनंदन ने वायुसेना को सूचित किया है कि पाक सेना व आईएसआई ने उन्हें शारीरिक रूप से तो नहीं, लेकिन मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। दुश्मन की कैद में रहने के बाद मानसिक प्रताड़ना आम बात है। इसलिए चिकित्सीय जांच के बाद उनकी मानसिक स्थिति का भी गहन परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही फैसला लिया जाएगा।

