नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव के बावजूद पाकिस्तान सुधरने को तैयार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के बचाव के लिए उसने तरह तरह के तर्क गढ़कर चीन को अपने साथ रखने के लिए पूरा जोर लगाया है। मसूद अजहर की खराब तबियत और पुलवामा हमले में जैश की स्वीकारोक्ति को भ्रम बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश हो रही है।
खुफिया एजेंसियों को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि जैश-ए-मोहम्मद व उसके आकाओं को बचाने का पूरा भरोसा पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से दिया गया है। इसकी स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। भारत की ओर से दिए गए सबूतों को झुठलाने के लिए जैश के आकाओं के साथ आईएसआई अधिकारियों की बैठकें हुई हैं। मसूद अजहर की मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराके उसे क्रिटिकल बताया जा रहा है। आईएसआई तर्क गढ़ रही है कि मसूद इन दिनों काफी बीमार है इसलिए वह किसी तरह की ऐसी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने या साजिश रचने में समर्थ नहीं है। उसका इलाज चल रहा है और वह लगातार निगरानी में है।
नई योजना पर काम, स्थानीय आतंकियों को आगे करो
भारतीय सुरक्षा बलों के अभियान की वजह से पस्त पड़े जैश में जोश भरने के लिए आतंकियों को सुरक्षा बलों पर हमले करने की नई योजना पर काम करने को कहा गया है। जैश को घाटी में सक्रिय स्थानीय आतंकियों को आगे कर अपनी योजना आगे बढ़ाने को कहा गया है जिससे उसपर सीधी तोहमत न लगे। जैश आतंकियों को लश्कर और हिज्बुल के साथ मिलकर हमलों को अंजाम देने की रणनीति पर भी अमल करने को कहा गया है।
नए आकाओं की हो सकती है नियुक्ति
खुफिया सूत्रों को इस तरह की जानकारी भी मिली है कि अगर जैश आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने में भारत को सफलता मिलती है तो आतंकी गतिविधियों को जारी रखने के लिए नए आतंकियों को कमान दी जा सकती हे। नए नाम से आतंकी गुट तैयार करने की योजना पर भी मंथन चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि आईएसआई घाटी में आतंकियों को शह देने की रणनीति से हाथ पीछे खींचने को तैयार नहीं है।
इमरान सरकार पर दबाव
इमरान सरकार के सामने आईएसआई ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर भारत के कड़े रुख के आगे समर्पण किया गया तो घाटी में उसका लंबे समय से किया निवेश बेकार चला जाएगा। इसलिए घाटी में आतंकी गुटों को नई रणनीति से समर्थन देना जारी रखा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि इमरान सरकार पर कट्टरपंथी आतंकी गुटों का भारी दबाव है।
असंतोष को हवा देने की कोशिश
खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया है कि घाटी में जमात व अलगावादी नेताओं और गुटों पर कार्रवाई के बीच असंतोष को हवा देने की कोशिश भी सीमा पार से हो सकती है। एजेंसियों का मानना है कि आईएसआई ऐसे लोगों से संपर्क करने की लगातार कोशिश कर रही है जिससे घाटी में माहौल बिगाड़कर भारत सरकार को कठघरे में खड़ा किया जा सके।

