प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई, तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित सहित नौ दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी; स्टॉक रजिस्टर और ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियां
नीरज राज/(बस्ती): में खाद की गुणवत्ता, उपलब्धता और बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शासन के निर्देश पर प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने खाद की दुकानों पर छापेमारी की। जिले की चारों तहसीलों में चलाए गए इस अभियान के दौरान संदिग्ध खाद के 11 नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं, अभिलेखों और स्टॉक के मिलान में अनियमितताएं मिलने पर नौ दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
चार तहसीलों में गठित की गईं संयुक्त टीमें
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने सदर, हर्रैया, भानपुर और रुधौली तहसीलों के लिए अलग-अलग छापेमारी दल गठित किए थे। इन टीमों में कृषि विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ संबंधित तहसीलों के तहसीलदार शामिल रहे।
सदर तहसील में उप निदेशक कृषि अशोक कुमार और सदर तहसीलदार, हर्रैया में जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य और तहसीलदार हर्रैया, भानपुर में जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतनशंकर ओझा और तहसीलदार भानपुर तथा रुधौली में अपर जिला कृषि अधिकारी अंबिकेश प्रताप सिंह और तहसीलदार रुधौली के नेतृत्व में जांच अभियान चलाया गया।
स्टॉक रजिस्टर और ई-पॉस रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी
कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य के अनुसार, संयुक्त टीमों ने अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में खाद विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद की गुणवत्ता की जांच के लिए 11 संदिग्ध नमूने एकत्र कर राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए।
टीमों ने खाद के भंडारण, बिक्री, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और कालाबाजारी की आशंका को लेकर भी जांच की। निरीक्षण के दौरान नौ दुकानों पर अभिलेखों, स्टॉक रजिस्टर, विक्रेता विवरण और ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड के मिलान में गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
इन तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित
जांच के दौरान गंभीर अनियमितताओं के आरोप में तीन खाद दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें शामिल सिंह खाद भंडार, अगौना, गोपाल ट्रेडर्स, रुधौली, गुप्ता उर्वरक केंद्र, सुरवार कला, रुधौली है इन दुकानों के लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही संबंधित मामलों में जांच शुरू कर दी गई है। कार्रवाई की सूचना जिलाधिकारी, संयुक्त निदेशक कृषि और मुख्य विकास अधिकारी को भी दी गई है। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से खाद विक्रेता में हलचल मच गई।
