मुंबई। कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिपदी वंदना से विमलादेवी दुगड़ ने प्रारंभ किया । प्रेक्षाध्यान के प्रशिक्षकों के द्वारा प्रेक्षागीत का संगान किया गया। विमला पटेल, भागवत जोशी, शान्ताबेन, चिरानिया, शिलाबेन सभी ने अपनी अभिव्यक्ति दी।
वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड़ ने प्रेक्षाध्यान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा सुख शान्ति का राजमार्ग है ध्यान प्रेक्षाध्यान से तन मन बुद्धि और भावों का विकास होता है। ध्यान ही विश्व की समस्या का एक मात्र समाधान है।
विमलाजी दुगड़ ने प्रेक्षाध्यान का प्रयोग करवाया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षिका विमलाजी दुगड़ ने बड़ी कुशलता पूर्वक किया। जिज्ञासाओं के समाधान के साथ संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन प्रेक्षाध्यान के घोष *कैसे बदले जीवन धारा ,प्रेक्षाध्यान योग साधना द्वारा के साथ संपन्न हुआ।


