- छोटे संकल्प, बड़ा परिवर्तन-अणुव्रतों से जीवन में जागे संयम और नैतिकता
- भगवान महावीर के साधना काल में कर्म सिद्धांत को किया रेखांकित, अणुव्रतों को बताया जीवन-परिष्कार का प्रभावी माध्यम
ठाणे। पर्युषण पर्व के अंतर्गत आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में आज धर्मसभा का वातावरण ज्ञान, साधना और आत्मचिंतन से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि कुलदीप कुमार जी ने भगवान महावीर के साधना काल का विवेचन करते हुए कर्मवाद को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर की साधना केवल बाहरी तपस्या नहीं थी, बल्कि कर्मों के स्वरूप, उनके बंध, उदय और निर्जरा को समझते हुए आत्मा को कर्मबंधन से मुक्त करने की महान साधना थी।
मुनिश्री ने भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि मनुष्य के जीवन में आने वाली परिस्थितियों के पीछे कर्म सिद्धांत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कर्म के प्रति जागरूकता, संयम और पुरुषार्थ को आत्मकल्याण का आधार बताते हुए कहा कि कर्मों को दोष देने के बजाय उनके क्षय और निर्जरा की दिशा में पुरुषार्थ करना ही साधक का वास्तविक लक्ष्य होना चाहिए।
वहीं मुनि मुकुल कुमार जी ने अणुव्रत दिवस के अवसर पर अद्भुत एवं विशिष्ट प्रवचन देते हुए अणुव्रत आंदोलन की जीवनोपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अणुव्रतों को केवल धार्मिक नियम न मानकर व्यक्ति के चरित्र-निर्माण, व्यवहार-शुद्धि और सामाजिक जीवन में नैतिकता स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
मुनिश्री ने अणुव्रतों के विभिन्न आयामों की विशिष्ट व्याख्या करते हुए बताया कि छोटे-छोटे संकल्प व्यक्ति के जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। अणुव्रत मनुष्य को सीमाओं में रहकर स्वतंत्रता का अनुभव कराते हैं तथा जीवन में संयम, सत्यनिष्ठा, अहिंसा और नैतिक अनुशासन को मजबूत करते हैं।
प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने आधुनिक जीवन की चुनौतियों के संदर्भ में अणुव्रतों की प्रासंगिकता को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आज जब जीवन में भौतिकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, तब अणुव्रत व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाने और समाज को नैतिक दिशा देने का सशक्त माध्यम बन सकते हैं।
दोनों मुनिश्रियों के प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को आत्मचिंतन, संयम और सदाचार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
आज के कार्यक्रम में अणुव्रत समिति मुंबई के सदस्यों द्वारा अणुव्रत गीत व मंगलाचरण मुलुंड की महिला मंडल ने किया।
आज के कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति अणुव्रत समिति अध्यक्ष रमेश सोनी, कार्याध्यक्ष रोशन मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोहर कच्छरा, सभा अध्यक्ष नरेश बाफना ,मंत्री राजेश बाफना, कोषाध्यक्ष नवरत्न गोखरू, पवन ओस्तवाल, रतन कच्छारा , कमलेश दूगड़, सुशील हिरण,भंवर दास जैन, प्रवीण डांगी ,सुभाष हिंगड़, विकास धाकड़, विमला हिरण, कल्पना जैन, ललिता सोनी, सुखिया मांडोत, प्रिया मुथा, महिला मंडल अध्यक्ष संगीता चंडालिया, भारती कच्छारा,रेखा बाफना आदि अणुव्रत के कार्यकर्ताओं के उपस्थिति रही।


